Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों की सराहना की, C-295 विमान और DRDO मिसाइल परीक्षण का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में जून 2026 के दौरान भारत की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में मिली ऐतिहासिक सफलताओं की सराहना की है. उन्होंने देश में बने पहले C-295 सैन्य परिवहन विमान की पहली उड़ान और डीआरडीओ के मिसाइल परीक्षण को देश के लिए गर्व का क्षण बताया.
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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (28 जून 2026) को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. वर्ष 2026 के इस आखिरी जून संस्करण में पीएम मोदी ने रक्षा और विमानन (aviation) क्षेत्रों में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि जून महीने में देश ने सुरक्षा और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में ऐसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जो हर नागरिक को गर्व से भर देंगी. प्रधानमंत्री ने भारत में निर्मित पहले C-295 सैन्य परिवहन विमान की सफल पहली उड़ान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा लंबी दूरी की लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण की विशेष रूप से सराहना की.
'मेक इन इंडिया' C-295 विमान ने भरी उड़ान
प्रधानमंत्री ने विमानन क्षेत्र में भारत की बड़ी सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि पूरी तरह से भारत में तैयार (Made in India) C-295 सैन्य विमान ने अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. उन्होंने जानकारी दी कि इस परियोजना के तहत ऐसे 40 विमानों का निर्माण सीधे भारत में ही किया जा रहा है. पीएम मोदी के अनुसार, इस कदम से देश के एमएसएमई (MSME) और एयरोस्पेस क्षेत्रों को एक नई गति मिल रही है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और मजबूत हो रहा है. यह भी पढ़े: PM Modi 'Mann Ki Baat': पीएम मोदी की 'मन की बात', 2026 में पहली बार देशवासियों को कर रहे हैं संबोधित, यहां देखें LIVE
यहां सुने मन की बात
DRDO का सफल मिसाइल परीक्षण
सुरक्षा के मोर्चे पर एक और बड़ी उपलब्धि का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने डीआरडीओ द्वारा विकसित 'लॉन्ग-रेंज लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल' (LRLACM) के सफल परीक्षण की सराहना की. गौरतलब है कि डीआरडीओ ने 15 जून 2026 को ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया था. इस मिसाइल के सभी उप-प्रणालियों (sub-systems) को डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है, जिसके लिए बेंगलुरु की वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (ADE) नोडल प्रयोगशाला है.
नौसेना बेड़े में शामिल हुए तीन स्वदेशी युद्धपोत
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कोलकाता में आयोजित नौसेना के एक कार्यक्रम में अपनी भागीदारी को याद करते हुए बताया कि इस महीने भारतीय नौसेना के बेड़े में तीन नए युद्धपोत— आईएनएस दूनागिरी (INS Dunagiri), आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak) और आईएनएस अग्रे (INS Agray) शामिल किए गए हैं. उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि इन जहाजों के डिजाइन से लेकर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से स्वदेशी है.
संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्र से लेकर आसमान तक भारत अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है. उन्होंने देशवासियों से इसी तरह स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा देने और देश को आर्थिक तथा तकनीकी मोर्चे पर आगे ले जाने का आह्वान किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 28, 2026 12:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

