Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, मोरेह शहर में कुकी उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों पर किया हमला, एक जवान की मौत
मणिपुर के तेंगनोउपल जिले के सीमावर्ती शहर मोरेह में सुरक्षा बलों और संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के बीच बुधवार सुबह मुठभेड़ हुई. संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों के वाहन पर हमला कर दिया, जिसमें राज्य पुलिस के एक जवान की मौत हो गई.
इंफाल: मणिपुर के तेंगनोउपल जिले के सीमावर्ती शहर मोरेह में सुरक्षा बलों और संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के बीच बुधवार सुबह मुठभेड़ हुई. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि उग्रवादियों ने एसबीआई मोरेह के पास सुरक्षा बलों की एक चौकी पर बम फेंके और गोलीबारी की जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों के वाहन पर हमला कर दिया, जिसमें राज्य पुलिस के एक जवान की मौत हो गई. मणिपुर में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने पुलिस कमांडो और सीमा सुरक्षा कर्मियों को ले जा रहे वाहनों को बनाया निशाना.
मृतक की पहचान मोरेह में राज्य पुलिस कमांडो से जुड़े आईआरबी कर्मी वांगखेम सोमरजीत के रूप में की गई. सोमोरजीत इंफाल पश्चिम जिले के मालोम का रहने वाला है. पुलिस ने कहा कि सुरक्षा बलों ने बुधवार सुबह मोरे शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध कुकी आतंकवादियों के साथ गोलीबारी की.
पुलिस ने बताया कि एक पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में सीमावर्ती शहर में राज्य बलों द्वारा दो संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने के 48 घंटे बाद संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों की चौकी पर गोलीबारी की.
इससे पहले, मणिपुर सरकार ने तेंगनोउपल में ‘‘शांति भंग होने, सार्वजनिक सद्भाव बिगड़ने और मानव जीवन एवं संपत्ति को गंभीर खतरे की आशंका’’ संबंधी जानकारी मिलने के बाद 16 जनवरी को देर रात 12 बजे से पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया था.
तेंगनोउपल के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्फ्यू ‘‘कानून-व्यवस्था लागू करने और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी सरकारी एजेंसियों’’ पर लागू नहीं होगा. इस बीच, एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इम्फाल पश्चिम जिले के कौत्रुक गांव में ग्रामीण स्वयंसेवकों और संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के बीच मंगलवार रात दो घंटे से अधिक समय तक गोलीबारी हुई.
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के इलाके में पहुंचने के बाद हमलावरों ने गोलीबारी बंद कर दी. पुलिस ने उप संभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सी आनंद की पिछले साल अक्टूबर में की गई हत्या मामले के दो मुख्य संदिग्धों फिलिप खोंगसाई और हेमोखोलाल माते को गिरफ्तार किया था. दोनों ने सुरक्षाकर्मियों के वाहनों पर गोलीबारी की थी जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया.
पुलिस ने बताया कि बाद में दोनों को मोरेह के न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें नौ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. उसने बताया कि संदिग्धों से कब्जे से आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद बरामद किया है.
अधिकारियों ने बताया कि दोनों संदिग्धों को ‘‘बिना शर्त रिहा किए जाने’’ की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने मोरेह पुलिस थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया था. कुकी इनपी तेंगनोउपल (केआईटी), चुराचांदपुर जिले के इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) और कांगपोकपी जिले के कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने दोनों की गिरफ्तारी की निंदा की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 17, 2024 12:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

