एल्विश यादव की फिर बढ़ी मुश्किलें, मेनका गांधी के NGO के सदस्यों ने यूट्यूबर पर लगाया हत्या की साजिश रचने का आरोप
सोशल मीडिया पर अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग रखने वाले यूट्यूबर और 'बिग बॉस ओटीटी' विजेता एल्विश यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. एल्विश को मार्च 2024 में 'स्नेक वैनम-रेव पार्टी' मामले में गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था.
सोशल मीडिया पर अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग रखने वाले यूट्यूबर और 'बिग बॉस ओटीटी' विजेता एल्विश यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. एल्विश को मार्च 2024 में 'स्नेक वैनम-रेव पार्टी' मामले में गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था. उनके खिलाफ वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. अब, इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है.
मेनका गांधी की एनजीओ 'पीपल फॉर एनिमल्स' (PFA) के कार्यकर्ता सौरभ गुप्ता ने एल्विश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें हत्या की साजिश और धमकी का आरोप लगाया गया है.
क्या हैं नए आरोप?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सौरभ गुप्ता ने आरोप लगाया है कि एल्विश यादव उनके वाहन का पीछा कर रहे हैं, नकली पहचान का इस्तेमाल कर उनकी सोसायटी में घुसने की कोशिश कर रहे हैं और उनके घर के बाहर घूम रहे हैं. सौरभ ने यह भी आरोप लगाया है कि एल्विश उनकी और उनके भाई की हत्या एक सड़क दुर्घटना के जरिए कर सकते हैं.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट के आदेश पर गाज़ियाबाद के नंदग्राम थाने में एल्विश यादव और उनके दोस्त व 'बिग बॉस ओटीटी 3' के प्रतिभागी लोकेश कटारिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
धमकियों के बाद अदालत ने लिया संज्ञान
सौरभ और पीएफए के एक अन्य सदस्य गौरव गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद, एल्विश ने सोशल मीडिया पर उन्हें धमकियां दीं. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गाज़ियाबाद पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
स्नेक वैनम मामला क्या है
एल्विश यादव का नाम पहली बार 'स्नेक वैनम-रेव पार्टी' केस में तब आया, जब नवंबर 2023 में वाइल्डलाइफ (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत नोएडा के सेक्टर 49 पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ.
इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से नौ सांप और 20ml सांप के जहर की शीशी बरामद की थी. एल्विश यादव को 17 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और पांच दिन बाद जमानत पर रिहा किया गया.
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें न केवल वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन शामिल है, बल्कि हत्या की साजिश और धमकियों जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं. कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2025 06:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

