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मुझे रोकने के लिए ममता बनर्जी ने महिला पुलिसकर्मी का किया इस्तेमाल: सुवेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विरोध मार्च में शामिल बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को एक महिला पुलिसकर्मी ने हिरासत में लेने की कोशिश की. जिससे नेता नाराज हो गए और इसे राज्य सरकार की एक बड़ी चाल का हिस्सा करार दिया.

मुझे रोकने के लिए ममता बनर्जी ने महिला पुलिसकर्मी का किया इस्तेमाल: सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी ( फोटो क्रेडिट- Facebook)

कोलकाता, 15 सितम्बर : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विरोध मार्च में शामिल बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को एक महिला पुलिसकर्मी ने हिरासत में लेने की कोशिश की. जिससे नेता नाराज हो गए और इसे राज्य सरकार की एक बड़ी चाल का हिस्सा करार दिया. 13 सितंबर को, भ्रष्टाचार के विभिन्न मुद्दों के खिलाफ भाजपा ने विरोध मार्च किया. इस मार्च से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है. एक वीडियो में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी एक महिला पुलिसकर्मी से कहते हुए दिख रहे है, मेरे शरीर को मत छुओ. तुम महिला हो और मैं पुरुष हूं.

इस वीडियो को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने जमकर ट्रोल किया. सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, उस दिन उन्हें रोकने के लिए महिला पुलिस कर्मियों का इस्तेमाल करना उन्हें बदनाम करने की एक बड़ी चाल थी. पूरी चाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के इशारों पर तैयार की गई थी. इसमें जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन तीन आईपीएस अधिकारियों सूर्य प्रताप यादव, आकाश मघरिया और ज्ञानवंत सिंह को शामिल किया गया. यह भी पढ़ें : Bihar: बिहार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बीजेपी का फुल फॉर्म ‘बड़का झूठा पार्टी’ बताया

अधिकारी ने कहा, पहले यादव ने मुझे रोकने की कोशिश की और फिर मघरिया उनके साथ हो गए. इसके बाद ज्ञानवंत सिंह मौके पर पहुंचे. तभी अचानक एक सब-इंस्पेक्टर क्रिस्टियाना मारिया के नेतृत्व में महिला कांस्टेबलों का एक दल आगे आया. मारिया मुझे बार-बार धक्का दे रही थी. इसलिए, मैंने विनम्रता से उन्हें एक मां के रूप में संबोधित किया और उनसे अनुरोध किया कि वह मुझे न छुए. अगर मैंने जवाबी कार्रवाई की होती तो उन्हें मुझे बदनाम करने और मेरे खिलाफ मामला दर्ज करने का मौका मिल जाता.

पुरुषों के प्रति आकर्षण के बारे में अभिषेक बनर्जी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, अधिकारी ने कहा कि यह बनर्जी के गुस्से का प्रतिबिंब है क्योंकि महिला अधिकारियों का इस्तेमाल करके उनकी चाल विफल हो गई. मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि इस लड़ाई को व्यक्तिगत स्तर पर ले जाने के बजाय राजनीतिक और कानूनी रूप से लड़ें.

इस अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने ममता बनर्जी के पूर्ववर्ती और पिछले वाम मोर्चा शासन में अंतिम मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा, जब माकपा सत्ता में थी तब मैं विपक्षी राजनीति में था. सबसे सम्मानित और ईमानदार राजनेता, बुद्धदेव भट्टाचार्य इस बात से वाकिफ हैं. जो सच है वो सच है. मुझे यह स्वीकार करना होगा कि बुद्धदेव भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल के उन दुर्लभ ईमानदार मुख्यमंत्रियों और राजनेताओं में से हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2022 03:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).