देश

Sandeshkhali Case: शेख शाहजहां की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने साधी चुप्पी, 15 दिनों में 2 बार बदल चुकी हैं अपना रुख

शेख शाहजहां की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुप्पी साध रखी है. बनर्जी का शाहजहां की गिरफ्तारी पर टिप्पणी नहीं करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले 15 दिनों में वह दो बार शाहजहां के संबंध में अपना रुख बदल चुकी हैं.

Sandeshkhali Case: शेख शाहजहां की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने साधी चुप्पी, 15 दिनों में 2 बार बदल चुकी हैं अपना रुख
Mamata Banerjee (Photo Credit: ANI)

कोलकाता, 29 फरवरी: ऐसे समय में, जब तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का एक वर्ग और राज्य की प्रशासनिक मशीनरी ईडी पर हमले के आरोपी मास्टरमाइंड शेख शाहजहां की गिरफ्तारी का श्रेय राज्य पुलिस को देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखी. उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में ईडी और सीएपीएफ की टीमों पर हमला 5 जनवरी को किया गया था.

शाहजहां, जिसे 55 दिनों तक भागने के बाद बुधवार देर रात उत्तरी 24 परगना जिले के मिनाखाह से गिरफ्तार किया गया था, को गुरुवार को एक जिला अदालत ने 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

इसके तुरंत बाद राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने घोषणा की कि संदेशखली में तृणमूल के कद्दावर नेता शाहजहां, जिन पर संकटग्रस्त क्षेत्र में ग्रामीणों को परेशान करने का भी आरोप है, को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.

गुरुवार को बांकुड़ा में प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी शाहजहां की गिरफ्तारी के मामले में चुप रहीं.

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बनर्जी का शाहजहां की गिरफ्तारी पर टिप्पणी नहीं करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले 15 दिनों में वह दो बार शाहजहां के संबंध में अपना रुख बदल चुकी हैं.

15 फरवरी को विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को वहां चल रहे तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिसके अधिकारियों के साथ सीएपीएफ कर्मियों को संदेशखाली में कथित तौर पर पीटा गया था.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि ईडी की टीम शाहजहां को निशाना बनाकर और इलाके में अशांति फैलाने के इरादे से संदेशखाली गई थी.

हालांकि, बुधवार को एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते समय बनर्जी के सुर बदल गए थे, जब उन्होंने कहा कि वह कभी भी अन्याय का पोषण या समर्थन नहीं करती हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा था, ''मैं कहीं भी उत्पीड़न या खून-खराबा नहीं चाहता. मैं अन्याय में शामिल नहीं होता. अगर मेरी जानकारी से परे कुछ होता है, तो मैं उसका समर्थन नहीं करता.''

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बुधवार की उनकी टिप्पणियां शायद पहला संकेत थीं कि तृणमूल शाहजहां से दूरी बनाना शुरू कर रही है, यह सिद्धांत शाहजहां की गिरफ्तारी और उसके बाद पार्टी से निलंबन के बाद और मजबूत हो गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 29, 2024 10:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).