TMC Symbol Row: ममता बनर्जी गुट ने जारी किया 'फुटबॉल खिलाड़ी' वाला नया लोगो; उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने फ्रीज किया था पारंपरिक नाम और प्रतीक

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी के अधिकार को लेकर छिड़े विवाद के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को अपना नया आधिकारिक लोगो जारी किया है. निर्वाचन आयोग द्वारा पारंपरिक नाम 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस' और आरक्षित चुनाव चिह्न 'जोड़ा घास फूल' को अंतरिम रूप से फ्रीज किए जाने के बाद ममता गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है.

TMC Chief Mamata Banerjee (Photo Credits: Facebook/Mamata Banerjee)

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक और कानूनी घमासान ने नया मोड़ ले लिया है. चुनाव आयोग के कड़े फैसले के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने सोमवार को अपने नए अंतरिम चुनाव चिह्न 'फुटबॉल खिलाड़ी' को केंद्र में रखकर तैयार किया गया नया पार्टी लोगो सार्वजनिक कर दिया.

रिपोर्ट के अनुसार, नए लोगो में नीले रंग की पृष्ठभूमि पर बीच में एक फुटबॉल खिलाड़ी को गेंद को किक करते हुए दिखाया गया है, जिसके चारों ओर सफेद अक्षरों में 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' (Mamata All India Trinamool Congress) लिखा गया है. डिजाइन में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों—केसरिया, सफेद और हरे—का भी इस्तेमाल किया गया है. यह भी पढ़ें: TMC Symbol Frozen: चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिह्न किया फ्रीज; बंगाल उपचुनाव से पहले दोनों गुटों को बड़ा झटका

दो हफ्तों का समय: जमीनी स्तर पर नए प्रतीक के प्रचार का निर्देश

उपचुनाव में मतदान के लिए दो सप्ताह से भी कम का समय बचा है, ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने नए चुनाव चिह्न को मतदाताओं के बीच स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है:

चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला: मूल नाम और 'जोड़ा घास फूल' सिंबल फ्रीज

रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने 17 सितंबर को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों गुटों के लिए मूल नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी:

सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, जल्द सुनवाई पर सहमति

चुनाव आयोग द्वारा 28 साल पुराने पार्टी नाम और हाथ से बनाए गए पारंपरिक प्रतीक चिह्न को फ्रीज किए जाने के फैसले को ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है:

रेजीनगर में दोनों गुटों की सीधी भिड़ंत, नंदीग्राम में अलग समीकरण

6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव दोनों विरोधी गुटों के लिए सियासी साख की पहली सीधी परीक्षा बनेंगे:

फिलहाल, 6 अक्टूबर के मतदान और 9 अक्टूबर की मतगणना तक दोनों गुटों का ध्यान अपने-अपने अंतरिम प्रतीकों को मजबूती से जनता के बीच स्थापित करने पर केंद्रित है, जबकि पार्टी की मूल विरासत और आधिकारिक नियंत्रण का फैसला सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के पाले में लंबित है.

Share Now