देश

COVID-19: टेस्टिंग किट और सस्ते वेंटिलेटर के लिए भारत से पूरी दुनिया को आस, मेक इन इंडिया के तहत तेजी से हो रही है रिसर्च और इनोवेशन

कोरोना वायरस के दौर में भारत नए अनुसंधान का हब बन कर उभरा है, जिस पर पूरे विश्व की नजर है. कोविड19 से मुकाबले के लिए भारत अलग-अलग क्षेत्रों में कई अनुसंधान कर रहा है. जिसमें कम कीमत पर टेस्टिंग की नई तकनीक इजाद करने से लेकर सस्ते वेंटिलेटर तक शामिल हैं.

COVID-19: टेस्टिंग किट और सस्ते वेंटिलेटर के लिए भारत से पूरी दुनिया को आस, मेक इन इंडिया के तहत तेजी से हो रही है रिसर्च और इनोवेशन
कोरोना वायरस से जंग (Photo Credits: PTI)

कोरोना वायरस के दौर में भारत नए अनुसंधान का हब बन कर उभरा है, जिस पर पूरे विश्व की नजर है. कोविड19 से मुकाबले के लिए भारत अलग-अलग क्षेत्रों में कई अनुसंधान कर रहा है. जिसमें कम कीमत पर टेस्टिंग की नई तकनीक इजाद करने से लेकर सस्ते वेंटिलेटर तक शामिल हैं. भारत में कोविड की जांच के लिए नई डायग्नोस्टिक किट इस बारे में जानकारी देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) सचिव आशुतोष शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए देश में कई जगह अलग-अलग अनुसंधान चल रहे हैं. उनमें से हाल ही में श्री चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुवनंतपुरम में एक डायग्नोस्टिक किट बनाई गई. जो दुनिया में एकदम अलग और नए तरीके की है. इस किट का प्रयोग करने की कीमत भी कम होगी और जांच में 10 गुना तेजी आएग. इससे जब भी हमें बहुत तेज और जल्दी टेस्ट की जरूरत होगी इससे करने में आसानी होगी.

RT PCR की तुलना में लैंप कई गुना किफायतीआशुतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि जिस तरह आरटी-पीसीआर के जरिए टेस्ट करते हैं उसी तरह इस टेस्ट प्रक्रिया का नाम लैंप है. लैंप की कीमत दस गुना कम होगी और सैम्पल टेस्ट करने की संख्या भी पीसीआर की तुलना में ज्यादा होगी. इससे टेस्टिंग में काफी फायदा मिलेगा. सबसे अहम बात है कि इसकी मैन्युफैक्चरिंग भारत में होगी. न केवल बनेगा बल्कि आने वाले दिनों में विश्व में भी सप्लाई कर सकेंगे.

यह भी पढ़ें- ट्रम्प की आलोचना के बीच डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए चीन की प्रशंसा की

भारत में अच्छी क्वालिटी के पोर्टेबल वेंटिलेटर भी बने:

वहीं कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर मरीजों को कई बार आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा जाता है. लेकिन अभी जो वेंटिलेटर का प्रयोग कर रहे हैं वो ज्यादातर विदेशी हैं जिनकी कीमत 6-7 लाख रुपये तक है. कोविड19 वायरस के ऐसे केवल 3-4 प्रतिशत मरीजों को ही वैसे वेंटिलेटर की जरूरत होती है. फिर भी भारत में वेंटिलेटर बनाने पर काम शुरू हो चुका है. आईआईटी कानपुर में एक ग्रुप है जिसने कुछ कंपनियों के साथ मिलकर कम कीमत के वेंटिलेटर बनाए हैं. ये वेंटीलेटर कहीं भी हॉस्पिटल में रखे जा सकते हैं. इनकी कीमत 10 हजार रुपए तक है इसे घर पर भी आसानी से रखा जा सकता है. इसके अलावा पुणे में ही बिना लक्षण वाले वायरस से संक्रमितो के लिए एक जांच किट तैयार की गई है.

75 हजार वेंटीलेटर्स की डिमांड:

एम्‍पावर्ड ग्रुप-3 के चेयरमैन पीडी वाघेला के अनुसार सरकार ने जून तक 75 हजार वेंटीलेटर्स की डिमांड की है, जबकि वर्तमान में भारत के पास 19,398 वेंटीलेटर हैं. वाघेला ने कहा, "हमने 60,884 वेंटीलेटर्स का ऑर्डर दिया है. इसमें से भी केवल 1000 वेंटीलेटर ही विदेश से निर्यात किए जाएंगे. बाकी के सभी मेक इन इंडिया वेंटीलेटर होंगे." उन्होंने बताया कि भारत में वेंटीलेटर बनाने वाली कंपनियों में बीईएल और सकैनरे को 30 हजार वेंटीलेटर का ऑर्डर दिया है. वहीं मारुति सुजुकी एवं एगवा को 10 हजार और एएमटीजेड कंपनी को 13,500 वेंटीलेटर बनाने का ऑर्डर दिया है. उम्मीद है सभी ऑर्डर समय पर डिलीवर हो जाएंगे.

यह भी पढ़ें- कोविड-19 : दिल्ली में सीआरपीएफ की एक ही बटालियन के 122 जवान कोरोना वायरस से संक्रमित

वेंटिलेटर में ऑक्सीजन के लिए ने सिस्टम पर काम शुरू:

कई बार वेंटिलेटर में ऑक्सीजन की जरूरत होती है. उसके लिए पुणे की एक स्टार्टअप ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जो हवा से ऑक्सीजन निकाल कर उसे प्रयोग में लाने का काम करता है और इस तरह के सारे अनुसंधान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत हो रहे हैं. डीएसटी सचिव बताते हैं कि डीएसटी सरकार का सबसे बड़ा विभाग है जो देश के सभी रिसर्च, डेपलपमेंट और इनोवेशन को सपोर्ट करता है. चाहे कोई यूनिवर्सिटी हो, एनजीओ हो, आईआईटी, स्टार्टअप हो या कोई कंपनी हो. जो भी स्वदेशी तकनीक का प्रयोग करके कोई रिसर्च या अनुसंधान करते हैं उन्हें साथ लेकर चलता है। ऐसे बहुत सारे अनुसंधान अभी चल रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2020 03:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).