Formalin: एम्स भोपाल में बड़ी लापरवाही, कैंसर पीड़ित मासूम को दवा की जगह लगा दिया जहरीला 'फॉर्मेलिन'; मौत के बाद दो नर्सों पर FIR
एम्स भोपाल में एक तीन साल के ब्लड कैंसर पीड़ित बच्चे की नस में दवा के बजाय शवों और अंगों को सुरक्षित रखने वाला जहरीला रसायन 'फॉर्मेलिन' इंजेक्ट कर दिया गया. बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दो नर्सिंग अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कराया है.
भोपाल, 14 जून: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (All India Institute of Medical Sciences) (AIIMS) भोपाल में डॉक्टरी लापरवाही का एक बेहद हैरान करने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है. अस्पताल के पीडियाट्रिक (बाल चिकित्सा) वार्ड में भर्ती ब्लड कैंसर (Blood cancer) से पीड़ित एक तीन वर्षीय मासूम बच्चे की नस में नर्स द्वारा दवा की जगह शरीर के अंगों को सुरक्षित रखने वाला अत्यधिक जहरीला रसायन 'फॉर्मेलिन' (Formalin) इंजेक्ट कर दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना दिसंबर 2025 की है, लेकिन अस्पताल की आंतरिक जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद अब स्थानीय बागसेवनिया थाना पुलिस ने दोनों जिम्मेदार नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है. यह भी पढ़ें: FSSAI Advisory: खाने-पीने की चीजों को अखबार में पैक करने या परोसने पर लगी रोक, FSSAI ने स्वास्थ्य के लिए बताया गंभीर खतरा
बी-सेल ल्यूकेमिया से पीड़ित था मासूम
मृतक बच्चे की पहचान सागर जिले की बीना तहसील के कौरजा गांव के रहने वाले सार्थक यादव के रूप में हुई है. सार्थक 'बी-सेल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया' (B-ALL) नाम के ब्लड कैंसर से जूझ रहा था. उसे बुखार आने के बाद 15 दिसंबर 2025 को गंभीर हालत में एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था. 17 दिसंबर की सुबह जब बच्चे की इंट्रावेनस (IV) लाइन (ड्रिप की नली) ब्लॉक हो गई, तो ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने बिना जांच किए पास की अलमारी से 'F' मार्क वाली 10 एमएल की सिरिंज उठाई और उसे बच्चे की ड्रिप में डाल दिया.
पिता की चेतावनी को नर्स ने किया अनसुना
सार्थक के पिता सिद्धार्थ यादव ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने सिरिंज पर 'F' लिखा हुआ देखा था और नर्स को उसे इस्तेमाल करने से तीन बार रोका था. सिद्धार्थ के अनुसार, "सुबह जब नर्स आई और ड्रिप ब्लॉक थी, तो उसने अलमारी से 'F' मार्क वाली सिरिंज उठाई. मैंने उसे तीन बार टोका और रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने झिड़कते हुए कहा—'यहां डॉक्टर मैं हूं या आप?' इसके तुरंत बाद उसने सिरिंज ड्रिप की बोतल में डाल दी और देखते ही देखते मेरा बेटा बेहोश हो गया."
जहर खून में फैलते ही बच्चे की स्थिति तेजी से बिगड़ी। उसे तुरंत बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (PICU) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सीपीआर (CPR) और अन्य आपातकालीन प्रयास किए, लेकिन सुबह 8:45 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद मचे हड़कंप के बीच अस्पताल स्टाफ ने सबूत मिटाने के लिए ड्रिप की बोतल को जब्त करने की भी कोशिश की थी.
क्या होता है फॉर्मेलिन? जांच में तय हुई जवाबदेही
फॉर्मेलिन असल में फॉर्मेल्डिहाइड गैस का एक अत्यधिक जहरीला और जलीय घोल (Liquid Solution) होता है. चिकित्सा संस्थानों में इसका उपयोग विशेष रूप से शवों (Dead Bodies), बायोप्सी के नमूनों और मानव ऊतकों (Tissues) को सड़ने से बचाने और सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है. यदि यह रसायन सीधे इंसान की नसों में प्रवेश कर जाए, तो यह जानलेवा साबित होता है.
अस्पताल की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, सार्थक की मौत की सीधी वजह नस के रास्ते फॉर्मेलिन दिया जाना था। रिपोर्ट में सामने आया कि नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती ने 16 दिसंबर को एक निर्धारित बोन मैरो बायोप्सी के लिए सिरिंज में फॉर्मेलिन भरा था. प्रक्रिया स्थगित होने के बाद अनुका ने उस खतरनाक रसायन को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के बजाय लापरवाही से बेड के पास की टेबल पर ही छोड़ दिया. अगले दिन दूसरी नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला शर्मा ने बिना जांचे वही जहरीला तरल बच्चे को लगा दिया.
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, बागसेवनिया पुलिस ने दोनों नर्सों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. थाना प्रभारी अमित सोनी ने पुष्टि की है कि एम्स प्रबंधन ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
नर्स मधुबाला शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही के कारण मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं, अनुका गुजराती पर खतरनाक और जहरीले पदार्थ के रखरखाव में लापरवाही बरतने के लिए बीएनएस (BNS) की धारा 286 के तहत आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए आईवी फ्लूइड के सैंपल जब्त कर लिए हैं और फिलहाल फरार चल रही दोनों आरोपी नर्सों की तलाश की जा रही है.