Namo Gardens: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश की 394 नगरपालिकाओं-नगर पंचायतों में बनाए जाएंगे 'नमो गार्डन', डिप्टी CM शिंदे का ऐलान
(Photo Credits ANI)

 Namo Gardens: महाराष्ट्र में BMC और प्रदेश में होने वाले स्थानीय नगर पालिका चुनावों से पहले, महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश की 394 नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों में 'नमो गार्डन' विकसित करने का बड़ा फैसला लिया है. इस योजना की घोषणा बुधवार 17 सितम्बर को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde)  ने की. डिप्टी सीएम ने ऐलान करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की सभी नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों में जल्द ही एक विशेष योजना के तहत अनूठे उद्यान विकसित किए जाएंगे, जिनका नाम "नमो उद्यान" रखा जाएगा.

शिंदे ने पीएम मोदी को दिया उपहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह परियोजना महाराष्ट्र की ओर से प्रधानमंत्री को एक विशेष उपहार के रूप में दी जा रही है. यह बी पढ़े:  Maharashtra Toll Tax Free: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, Mumbai-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु पर इन वाहनों को टोल से छूट

हर एक उद्यान के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि प्रत्येक उद्यान के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड स्वीकृत किया गया है, जिससे प्रदेश की कुल 394 नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों को लाभ होगा. उन्होंने कहा, "यह महाराष्ट्र की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर एक खास उपहार है.

मंडल स्तर पर प्रतियोगिताएं और पुरस्कार योजना

शहरी विकास में नवाचार और गुणवत्ता को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार नव विकसित उद्यानों के बीच मंडल स्तर पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित करेगी. प्रत्येक मंडल से तीन नगर निकायों को पुरस्कार के लिए चुना जाएगा.

एक्स्ट्रा विकास निधि भी दी जायेगी

डिप्टी सीएम शिंदे ने बताया कि 'नमो गार्डन' प्रतियोगिता के विजेताओं को अतिरिक्त विकास निधि प्रदान की जाएगी. प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को ₹5 करोड़, द्वितीय स्थान को ₹3 करोड़, और तृतीय स्थान को ₹1 करोड़ की राशि दी जाएगी. यह पुरस्कार राशि संबंधित स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को उनके बाग-बगीचों को और अधिक सुंदर बनाने के लिए दी जाएगी.

डिप्टी सीएम शिंदे की अन्य बातें

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने यह भी कहा कि यह पहल न केवल शहरी क्षेत्रों को सुंदर बनाएगी, बल्कि नागरिकों को हरे-भरे स्थानों के माध्यम से स्वास्थ्य, सामुदायिक जुड़ाव और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद करेगी.