Maharashtra SIR: महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण शुरू, 29 जुलाई तक घर-घर आएंगे BLO; प्रशासन ने सहयोग की अपील की
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार महाराष्ट्र में 'मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण - 2026' कार्यक्रम शुरू हो गया है. इसके तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे.
Maharashtra SIR: भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे महाराष्ट्र में 'मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) - 2026' कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है. इस विशेष अभियान के अंतर्गत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी (BLO) नागरिकों के घरों पर प्रत्यक्ष जाकर मतदाता डेटा का सत्यापन करेंगे. राज्य चुनाव मशीनरी और जिला कलेक्टरों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ को आवश्यक और सटीक जानकारी प्रदान करके इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें.
29 जुलाई तक चलेगा घर-घर सत्यापन का काम
चुनाव अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस एक महीने की अवधि (30 जून से 29 जुलाई) के दौरान बीएलओ प्रत्येक परिवार के घर जाकर मतदाताओं की लाइव गणना और विवरणों की जांच करेंगे. इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शत-प्रतिशत त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाना है. यह भी पढ़े: BREAKING: नए सिरे से बनेगी देश की वोटर लिस्ट, बिहार के बाद अब बाकी राज्यों में भी होगा SIR
BMC का पोस्ट
घर-घर जाने वाले इन अधिकारियों को गणना प्रपत्र (गणना फॉर्म) वितरित करने और उसे भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस फॉर्म को सही-सही भरने के बाद ही नए डेटा को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा.
इन जानकारियों का होगा सत्यापन, रखें ये दस्तावेज
घर आने वाले बीएलओ मुख्य रूप से निम्नलिखित विवरणों की जांच और सुधार करेंगे:
-
नए मतदाताओं का पंजीकरण: जो युवा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उनके नाम इस सूची में जोड़ने के लिए अग्रिम आवेदन लिए जा रहे हैं.
-
त्रुटियों में सुधार: यदि किसी मतदाता के नाम, उपनाम, जन्मतिथि, पते या फोटो में कोई गलती है, तो उसे मौके पर ही सुधारा जा सकता है.
-
मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना: जो लोग उस क्षेत्र को छोड़कर स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे ताकि फर्जी मतदान की संभावना खत्म हो सके.
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पास आधार कार्ड, पुराना मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) और आयु प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें ताकि सत्यापन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके.
7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार, बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने का यह काम 29 जुलाई को समाप्त होगा. इसके बाद प्राप्त हुए सभी आवेदनों, आपत्तियों और सुधारों को डिजिटल रूप से अपडेट किया जाएगा. सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, संशोधित और पूर्णतः शुद्ध अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. आगामी स्थानीय और राज्य स्तर के चुनावों के लिहाज से इस पुनरीक्षण कार्यक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.