महाराष्ट्र SIR 2026: मतदाता सूची सत्यापन के लिए बचे हैं गिनती के दिन, 8 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का पहला चरण पूरा होने में अब केवल कुछ ही दिन बचे हैं. चुनाव आयोग ने 8 अगस्त 2026 तक गणना फार्म जमा करने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा तय की है.
Maharashtra SIR 2026: महाराष्ट्र में मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान का पहला चरण अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गया है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय की गई समयसीमा के अनुसार, नागरिकों और बीएलओ (BLO) के पास गणना फार्म (Enumeration Form) जमा करने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए 8 अगस्त 2026 तक का ही समय बचा है.
भारी बारिश और आषाढ़ी एकादशी वारी के कारण राज्य निर्वाचन आयोग के अनुरोध पर निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 8 अगस्त किया था. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक अपना फार्म जमा नहीं किया है, वे जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें. यह भी भी पढ़े: Maharashtra SIR Form Online 2026: घर बैठे कैसे भरें महाराष्ट्र एसआईआर गणना फॉर्म? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
सत्यापन प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन कर रहे हैं. इसके साथ ही नागरिक ऑनलाइन माध्यम से या अपने मतदान केंद्र पर बनाए गए एसआईआर (SIR) शिविरों में जाकर भी अपने विवरण की जांच कर सकते हैं.
मुंबई, पुणे और ठाणे जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में प्रवासन और बंद मकानों के कारण कई स्थानों पर सत्यापन का काम लंबित है. अधिकारियों ने सलाह दी है कि यदि बीएलओ किसी मतदाता के घर तक नहीं पहुंच पाए हैं, तो नागरिक स्वयं अपने मतदान केंद्र या स्थानीय चुनाव कार्यालय से संपर्क कर फार्म जमा करें.
एसआईआर (SIR) अभियान का संशोधित शेड्यूल
-
30 जून से 8 अगस्त 2026: बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना फार्म का संग्रह और सत्यापन.
-
17 अगस्त 2026: प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन.
-
17 अगस्त से 16 सितंबर 2026: दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज कराने की अवधि.
-
17 अगस्त से 15 अक्टूबर 2026: प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा.
-
19 अक्टूबर 2026: अंतिम और संशोधित मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का आधिकारिक प्रकाशन.
प्रक्रिया पूरी न करने पर हो सकता है नुकसान
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में वर्षों बाद यह व्यापक पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. जिन मतदाताओं के नाम, पते या नागरिकता संबंधी विवरण सत्यापित नहीं हो पाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची से बाहर होने का जोखिम है.
योग्य नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 12 प्रमुख दस्तावेजों (जैसे पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, सरकारी पहचान पत्र या बोर्ड परीक्षा प्रमाण पत्र आदि) के माध्यम से अपना सत्यापन करा सकते हैं.