Maharashtra Shocker: बीड में दुर्घटना नहीं, हत्या थी; प्रेमी ने पति का गला घोंटकर पत्नी को फोन पर कहा- 'प्रोग्राम ओके', 3 गिरफ्तार
महाराष्ट्र के बीड जिले में जिसे शुरुआत में एक दुखद सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह वास्तव में एक सुनियोजित और बर्बर हत्याकांड निकला. पुलिस जांच के अनुसार, मृतक किरण सोनावणे की हत्या किसी वाहन की टक्कर से नहीं, बल्कि उसकी पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी ने मिलकर गला घोंटकर की थी. वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी ने मृतक की पत्नी को फोन कर कोड वर्ड में 'प्रोग्राम ओके' कहा था.
बीड, 9 जून: महाराष्ट्र (Maharashtra) के बीड जिले से एक हैरान कर देने वाली आपराधिक साजिश का पर्दाफाश हुआ है. बीड पुलिस (Beed Police) ने एक ऐसे अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है, जिसे बेहद शातिर तरीके से एक सामान्य सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी. पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि सड़क किनारे अपनी मोटरसाइकिल के नीचे मृत पाए गए किरण सोनावणे (Kiran Sonawane) नामक व्यक्ति की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी. जांच में खुलासा हुआ है कि सोनावणे की पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए इस पूरी खौफनाक साजिश को अंजाम दिया था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य महिला सहित तीन आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है. यह भी पढ़ें: Hyderabad Shocker: हैदराबाद के मेढक में सेना के सूबेदार की पीट-पीटकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में पत्नी और ससुराल वालों ने उतारा मौत के घाट
हत्या की साजिश और 'प्रोग्राम ओके' का कोड वर्ड
जांच अधिकारियों द्वारा दर्ज किए गए विवरण के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड को प्रियंका के प्रेमी दशरथ परदेशी और उसके करीबी दोस्त धीरज येडे ने मिलकर अंजाम दिया था. घटना वाली रात दोनों आरोपियों ने सुनसान रास्ते पर किरण सोनावणे को रोका और बेरहमी से उसका गला घोंट दिया.
साक्ष्यों को छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने किरण के शव को सड़क किनारे उसकी ही टू-व्हीलर (मोटरसाइकिल) के नीचे दबाकर रख दिया, ताकि देखने वालों और कानून को यह प्रतीत हो सके कि युवक की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर या सड़क दुर्घटना के कारण हुई है. विचलित कर देने वाली बात यह है कि इस कृत्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के तुरंत बाद प्रेमी दशरथ परदेशी ने प्रियंका को फोन मिलाया और काम पूरा होने की पुष्टि करने के लिए कोड वर्ड में कहा— "प्रोग्राम ओके" (ऑपरेशन सफल रहा).
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला राज; पुलिस को हुआ था संदेह
यद्यपि आरोपियों ने क्राइम सीन को पूरी तरह से एक सड़क हादसे के रूप में तब्दील करने का प्रयास किया था, लेकिन मौके पर पहुंचे जांच अधिकारियों को मृतक के शरीर की स्थिति और गले के निशानों को देखकर पहली ही नजर में कुछ गंभीर संदेह पैदा हो गए थे.
इसके बाद जब शव का विधिक पोस्टमॉर्टम (Autopsy) कराया गया, तो डॉक्टरों ने पुलिस के संदेह पर प्रामाणिक मुहर लगा दी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि किरण की मौत किसी वाहन के आघात या दुर्घटना की चोटों से नहीं, बल्कि गला घोंटे जाने (Strangulation) के कारण दम घुटने से हुई है. रिपोर्ट सामने आते ही स्थानीय पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में बदलकर एक व्यापक तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशंस का गहन विश्लेषण किया गया.
पनवेल से दबोचे गए तीनों आरोपी; घरेलू कलह की थी पृष्ठभूमि
बीड पुलिस की विशेष खोजी टीम को इस मामले में पांच दिनों की सघन तकनीकी तफ्तीश के बाद एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई. पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की लोकेशन को नवी मुंबई के पास स्थित पनवेल (Panvel) शहर में ट्रैक किया, जहाँ वे वारदात को अंजाम देने के बाद छिपने के इरादे से भाग गए थे. पुलिस ने पनवेल में घेराबंदी कर तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया.
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान इस परिवार में लंबे समय से चल रहे गंभीर घरेलू क्लेश और विवाद की पृष्ठभूमि भी सामने आई है. जांचकर्ताओं ने नोट किया कि मृतक किरण सोनावणे के खिलाफ उसकी पत्नी द्वारा पूर्व में उत्पीड़न और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए थे. पुलिस का मानना है कि यही लगातार जारी आपसी विवाद और प्रताड़ना अंततः इस खौफनाक मर्डर प्लॉट को रचने का एक मुख्य कारण (Contributing Factor) बनी. फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं और उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश करने के लिए आगे की विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.