Hyderabad Shocker: हैदराबाद के मेढक में सेना के सूबेदार की पीट-पीटकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में पत्नी और ससुराल वालों ने उतारा मौत के घाट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

हैदराबाद, 9 जून: तेलंगाना (Telangana) के हैदराबाद (Hyderabad) स्थित मेढक कस्बे (Medhak Town) की मिलिट्री कॉलोनी में शनिवार रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड (Murder) सामने आया है. यहाँ भारतीय सेना (Indian Army) में सूबेदार के पद पर कार्यरत 50 वर्षीय पी. कुमार गौड़ की उनकी ही पत्नी और ससुराल वालों ने मिलकर लाठियों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, इस वारदात को कथित अवैध संबंधों (Illicit Relationship) के विवाद और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड देखने के बाद अंजाम दिया गया. घटना के बाद स्थानीय मेढक टाउन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक सूबेदार की पत्नी, सास, ससुर और साले को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हमले में शामिल सात अन्य पड़ोसी और रिश्तेदार फिलहाल फरार हैं. यह भी पढ़ें: Delhi: दिल्ली में चरित्र शंका पर पति ने की 18 वर्षीय पत्नी की गला दबाकर हत्या, आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बाथरूम में लटकाया

CCTV कैमरे की लाइव फीड देख भड़की पत्नी; दो वाहनों में पहुंचे हमलावर

पुलिस जांच और विधिक दस्तावेजों के अनुसार, यह विवाद शनिवार शाम करीब 7:30 बजे उस समय शुरू हुआ जब सूबेदार की पत्नी पद्मा ने अपने मोबाइल पर रिमोट एक्सेस के जरिए घर में लगे तीन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की लाइव फीड देखी। पद्मा ने लाइव फुटेज में देखा कि उसके पति कुमार गौड़ दो अन्य अज्ञात महिलाओं के साथ घर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं.

इसके बाद, रात करीब 9:30 बजे पद्मा, उसके पिता रामा किस्टा गौड़, मां येलम्मा और भाई संतोष दो वाहनों में सवार होकर सात अन्य पड़ोसियों व रिश्तेदारों के साथ मिलिट्री कॉलोनी स्थित घर पर आ धमके. इस समूह ने सूबेदार को उन महिलाओं के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद पहले दोनों महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया. इसके तुरंत बाद, पूरे समूह ने सूबेदार कुमार गौड़ को घेर लिया और लाठियों से उन पर ताबड़तोड़ कई प्रहार किए, जिससे गंभीर चोटों के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

हत्या को बीमारी का रूप देने की कोशिश; भाई की सजगता से खुला राज

वारदात को छुपाने के लिए ससुराल पक्ष ने अगले दिन रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक बड़ी साजिश रची. मृतक के ससुर रामा किस्टा गौड़ ने सूबेदार के बड़े भाई पी. रविंदर गौड़ को फोन पर सूचना दी कि कुमार गौड़ को अचानक सांस लेने में गंभीर तकलीफ (Breathing Difficulties) हो रही है और वे उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, यह परिवार को गुमराह करने और हत्या को अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी का रूप देने की एक सोची-समझी कोशिश थी.

जब बड़े भाई रविंदर गौड़ मेढक के सरकारी अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने सूबेदार को 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल लाने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया. अस्पताल में जब रविंदर और अन्य रिश्तेदारों ने कुमार गौड़ के शव को देखा, तो उनके शरीर पर गंभीर चोटों, लाठियों के प्रहार और स्पष्ट हिंसा के गहरे निशान दिखाई दिए, जिससे उनका संदेह गहरा गया. रविंदर ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरक्षित कर आरोपियों को हिरासत में लिया.

30 साल की देश सेवा और गृह क्लेश की पृष्ठभूमि

मेढक टाउन के इंस्पेक्टर डी. महेश ने बताया कि कड़ी पूछताछ के दौरान पकड़े गए चारों मुख्य आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखने के बाद लाठियों से जानलेवा हमला करने का जुर्म कबूल कर लिया है. सोमवार को चारों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया गया है.

पृष्ठभूमि की बात करें तो पी. कुमार गौड़ पिछले लगभग 30 वर्षों से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में उनकी तैनाती उत्तराखंड में थी. वे घटना से करीब एक महीना पहले ही छुट्टी लेकर मेढक आए थे. परिवार के सदस्यों के अनुसार, जब से वे घर आए थे, तब से उनकी पत्नी और ससुराल वाले उन पर बेवफाई और चरित्र दोष का आरोप लगा रहे थे, जिसके चलते घर में लगातार गंभीर घरेलू विवाद (Domestic Disputes) चल रहा था.

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत संगीन धाराएं दर्ज

मेढक टाउन पुलिस ने इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक आपराधिक मुकदमा पंजीकृत किया है. दर्ज प्राथमिकी में आरोपियों के खिलाफ हत्या के लिए धारा 103(1), साक्ष्यों को मिटाने या झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के लिए धारा 238, और सामूहिक रूप से समान इरादे से किए गए कृत्य के लिए धारा 3(5) को संयोजित किया गया है.

पुलिस की एक विशेष टीम इस समय उन शेष सात फरार आरोपियों (रिश्तेदारों और पड़ोसियों) की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है, जिन्होंने इस घातक और क्रूर हमले में मुख्य आरोपियों की मदद की थी.