Maharashtra New Transport Rules: महाराष्ट्र में कमर्शियल वाहन चालकों के लिए नया नियम, मराठी न जानने पर 3 महीने तक सस्पेंड हो सकता है लाइसेंस

महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत ऑटो, टैक्सियों और ऐप-आधारित कैब चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है.

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Maharashtra New Transport Rules:  महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब चलाने वाले व्यावसायिक चालकों के लिए अब व्यावहारिक मराठी भाषा (Working Knowledge of Marathi) का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है. नए मोटर वाहन संशोधन नियमों के तहत मराठी भाषा न जानने या इसका उपयोग न करने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस प्राधिकरण (Licensing Authority) तीन महीने तक के लिए सस्पेंड कर सकता है. यदि निलंबन के बाद भी चालक नियमों का उल्लंघन जारी रखता है, तो लाइसेंस का ऑथराइजेशन पूरी तरह रद्द भी किया जा सकता है.

राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि भाषा संबंधी इस शर्त को अब सीधे यात्री परिवहन चालकों के लाइसेंसिंग ढांचे (Licensing Framework) से जोड़ दिया गया है.  यह भी पढ़े:  महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य: 1 मई से लागू होगा नियम, भाषा न आने पर रद्द होगा लाइसेंस

महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 लागू

यह नई व्यवस्था 'महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026' का हिस्सा है, जिसके माध्यम से वर्ष 1989 के मूल मोटर वाहन नियमों में संशोधन किए गए हैं.

नए प्रावधानों के तहत:

उल्लंघन करने पर क्या होगी कार्रवाई?

यदि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या लाइसेंसिंग अथॉरिटी को जांच में पता चलता है कि किसी चालक के पास व्यावहारिक मराठी भाषा का आवश्यक ज्ञान नहीं है, तो लिखित कारण दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

प्रथम चरण में ड्राइविंग लाइसेंस के संबंधित अधिकार पत्र को तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है. इसके बावजूद सुधार न होने पर ऑथराइजेशन पूरी तरह रद्द कर दिया जाएगा.

बेहतर संवाद और यात्रियों की सुरक्षा उद्देश्य

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, इन नियमों में संशोधन का मुख्य उद्देश्य चालकों और यात्रियों के बीच संवाद को बेहतर और सुगम बनाना है.

मंत्री ने कहा कि यात्रियों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को समझने और यात्रा को सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने के लिए स्थानीय भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना आवश्यक है.

सरकार ने स्पष्ट किया कि पुराने नियमों में अस्पष्टता का लाभ उठाकर कुछ गैर-मराठी चालक इस आवश्यकता से बच रहे थे, जिसके संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं. नए संशोधन से अब प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट कानूनी आधार मिल गया है.

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कोई नया "महाराष्ट्र मोटर वाहन अधिनियम, 2026" नहीं है, बल्कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत लाया गया एक औपचारिक संशोधन है.

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