Maharashtra Monsoon Alert: मुंबई, ठाणे और पुणे समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में आज और कल झमाझम बारिश होने की संभावना, IMD ने जारी किया 'येलो अलर्ट'

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, पुणे और ठाणे सहित महाराष्ट्र के दो दर्जन से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जून को राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

Maharashtra Monsoon

 Maharashtra Monsoon Alert:  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मौसम में आए बदलाव को देखते हुए मुंबई, पुणे, पालघर और ठाणे सहित दो दर्जन से अधिक जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, मंगलवार (2 जून) और बुधवार (3 जून) को राज्य के अलग-अलग इलाकों में बिजली चमकने, आंधी-तूफान आने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.

इन जिलों के लिए जारी हुई चेतावनी

आईएमडी द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर कोंकण के कुछ स्थानों और दक्षिण कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.  यह भी पढ़े:  India Monsoon Floods: मुंबई, हिमाचल और कश्मीर… देश के किन राज्यों में है बारिश का कहर, जानें कहां-कहां आई है बाढ़?

मौसम विभाग ने पालघर, मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, धुले, नंदुरबार, जलगांव, नासिक, अहिल्यानगर (अहमदनगर), पुणे, सतारा, जालना और अमरावती जैसे जिलों के लिए 3 जून तक विशेष रूप से अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर और परभणी जैसे जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है.

मुंबई और आसपास के इलाकों का हाल

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) मुंबई के अनुसार, मुंबई शहर और उसके उपनगरों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.

मुंबई में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. तापमान में इस मामूली गिरावट से लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

मौसम में बदलाव का मुख्य कारण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव मानसून के आगमन से पहले की प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हो रहा है. वर्तमान में दक्षिण पाकिस्तान और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है.

इसके साथ ही, दक्षिण केरल और उससे सटे तमिलनाडु के ऊपर भी एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर भी वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में चक्रवाती हवाओं का दबाव देखा जा रहा है, जो दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने और अरब सागर से आ रही नमी के कारण महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में प्री-मानसून की स्थिति अनुकूल बनी हुई है.

मानसून की मौजूदा स्थिति

आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल दक्षिण अरब सागर में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है. मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) वर्तमान में विभिन्न भौगोलिक अक्षांशों से होकर गुजर रही है.

मौसम विभाग मानसून के आगे बढ़ने की गति पर लगातार निगरानी रख रहा है. अरब सागर के उत्तरी हिस्सों में फिलहाल मौसमी परिस्थितियां सामान्य बनी हुई हैं, और जल्द ही केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद महाराष्ट्र में इसके पहुंचने की आधिकारिक तारीख स्पष्ट हो सकेगी.

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