मुंबई. ऑनलाइन शराब बिक्री को महाराष्ट्र के शराब उद्योग के लिए 'गेम चेंजर' बताने वाले राज्य के आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बाबनकुले ने जमकर हो रही आलोचना के बाद अपने बयान से यूटर्न ले लिया है. उनके यह बयान महज 24 घंटे के भीतर ही इस बदल गया. अब वे कह रहे हैं कि सरकार ने इस बारे में सोचा नहीं है, न ही इस बारे में कोई नीति बनी है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय में एक अनुमोदन मिला था.
बता दें कि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने हाल ही में राज्य में वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑर्डर लेकर ग्राहकों के घर तक विदेशी शराब उपलब्ध कराने वाली शराब की 35 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई भी की है. इससे पहले आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि इस फैसले के पीछे राजस्व बढ़ाना भी एक मुख्य लक्ष्य है.
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उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के चलते राजमार्ग के समीप स्थित करीब 3,000 शराब की दुकानों के बंद होने के चलते सरकार को अच्छे खासे आबकारी कर का नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें कम करने की वजह से राज्य के कोष में थोड़ी और कमी दर्ज की गई.
बता दें कि आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को मीड़िया को कहा था, कि “हम नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने की घटनाओं को रोकना चाहते हैं. शराब को घर तक पहुंचाने से इसमें मदद मिलेगी.” (भाषा इनपुट )












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