Maharashtra Kisan Sabha March: महाराष्ट्र में किसान सभा का रोड मार्च रद्द, CM फडणवीस से आश्वासन के बाद बनी सहमति
महाराष्ट्र में किसान सभा ने अकोले से मुंबई तक निकाले जा रहे वाहन मार्च को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई सकारात्मक चर्चा के बाद स्थगित कर दिया है. सरकार ने सूखा राहत, कृषि ऋण माफी, लाडकी बहीण योजना और अन्य मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
Maharashtra Kisan Sabha March: महाराष्ट्र में विभिन्न मांगों को लेकर अकोले से मुंबई की ओर निकाला जा रहा किसानों का वाहन मार्च फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. किसान सभा के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया. सरकार की ओर से किसानों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद ठाणे जिले के शहापुर में इस मार्च को रोक दिया गया.
संगठन के अनुसार, सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों की क्रियान्वयन स्थिति की समीक्षा के लिए आगामी 4 नवंबर को एक और बैठक आयोजित की जाएगी. यह भी पढ़े: Farmers' Tractor Rally: मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने सरकार से की मांग, किसानों के नाम पर तांडव करने वाले देश विरोधियों के खिलाफ हो कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री के साथ बैठक में बनी सहमति
यह वाहन मार्च 26 अक्टूबर को शुरू हुआ था. सरकार के साथ हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा कई वरिष्ठ मंत्री, विभागों के सचिव और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. वहीं, किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अशोक धवले, जेपी गावीत, विधायक विनोद निकोले, डॉ. अजित नवले और यशवंत जाडे समेत अन्य नेता शामिल थे.
बैठक के दौरान सरकार ने किसानों और आम नागरिकों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है.
प्रमुख मांगें और सरकारी आश्वासन
सरकार और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई चर्चा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है:
सूखा राहत और ऋण माफी: सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के मानदंडों से आगे बढ़कर सूखा प्रभावित किसानों को सहायता देने और नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना की दो लंबित किस्तों को जल्द जारी करने का आश्वासन दिया है. नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए 50,000 रुपये के प्रोत्साहन को बढ़ाने की मांग पर ऋण माफी उप-समिति के साथ चर्चा की जाएगी.
लाडकी बहीण योजना: मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि अपूर्ण केवाईसी के कारण लाडकी बहीण योजना से बाहर हुए 81 लाख लाभार्थियों को फिर से जोड़ने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा. जिन महिलाओं का केवाईसी पूरा हो चुका है, लेकिन जिन्हें अभी तक लाभ नहीं मिला है, उनके भुगतान तुरंत बहाल किए जाएंगे.
भूमि और सिंचाई संबंधी मुद्दे:
मंदिर की भूमि के 7/12 दस्तावेजों में किसानों के नाम दर्ज करने के लिए सरकार जानकारी जुटा रही है, और प्रस्तावित कानून के मसौदे के लिए बनने वाली समिति में किसान सभा के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, भंडाराडाम का पानी आदिवासियों को उपलब्ध कराने और गोचर भूमि पर खेती करने वाले किसानों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दोबारा पक्ष रखने पर चर्चा हुई.