मध्य प्रदेश: Vijaya Raje Scindia की याद में पीएम मोदी ने 100 रुपये का सिक्का किया जारी
ग्वालियर राजघराने की राजमाता और भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्यों में से एक, विजयाराजे सिंधिया के जन्माताब्दी वर्ष के मौके पर उनकी याद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से एक वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए सौ रुपये का सिक्का जारी किया.
ग्वालियर राजघराने की राजमाता और भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्यों में से एक, विजयाराजे सिंधिया (Vijaya Raje Scindia) के जन्माताब्दी वर्ष के मौके पर उनकी याद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दिल्ली से एक वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए सौ रुपये का सिक्का जारी किया. इस अवसर पर ग्वालियर में भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे. मुख्यंमत्री शिवराज सिंह चैहान ने विजयराजे सिंधिया को एक परिवार की नहीं, लाख लोगों की मां बताया.
बंधन वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विजयराजे सिंधिया भले ही राजघराने की थीं, लेकिन सेवा का प्रतीक थीं और उन्होंने हमेशा अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया. जब 1967 में प्रदेश की जनता के साथ कांग्रेस की सरकार ने अन्याय किया तो उन्होंने इस सरकार को गिराने में देर नहीं की.उसी प्रकार माधवराव सिंधिया ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर विकास कांग्रेस बनाई और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश को कांग्रेस के कुशासन मुक्ति दिलाकर नई सरकार बनाने में योगदान दिया है. यह भी पढ़े: पीएम मोदी 12 अक्टूबर को Vijaya Raje Scindia के सम्मान में जारी करेंगे 100 रुपये का सिक्का
उन्होंने कहा कि जब 1971 में पूरे देश में इंदिरा लहर थी और उस समय माधवराव सिंधिया भी राजमाता के साथ जनसंघ में थे, लेकिन उस कांग्रेस की लहर में भी पूरे मध्य भारत क्षेत्र में 11 सीटें जीतकर जनसंघ को दी थीं। आज विजयाराजे सिंधिया जरूर प्रसन्न होंगी कि पूरा सिंधिया परिवार भाजपा में है और ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके अधूरे कामों को पूरा करने के लिए पार्टी और सरकार के साथ जुड़े हैं.
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विजयाराजे सिंधिया के जन्म शताब्दी वर्ष पर भारत सरकार 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करके उनके योगदान को याद कर रही है। देश में कई रियासतें थीं और कई राजमाताएं और महारानियां थीं, लेकिन देश में आजादी और लोकतंत्र आने के बाद जो काम श्रद्धेय राजमाता विजयाराजे जी ने किए, जिससे वे ऐसी लोकप्रिय हुईं कि दूसरे राजघराने उनके पासंग भी नहीं हैं.
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी दादी को याद करते हुए कहा कि शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए जो स्मारक सिक्का जारी किया है, वो केवल देश के लोगों को नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और ग्वालियर-चंबल के लोगों को प्रेरणा देता रहेगा। आजी अम्मा जी (विजयाराजे सिंधिया) ने जीवनभर गरीबों, खासतौर से महिलाओं के हितों के लिए संघर्ष किया.
कुशाभाऊ ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर देश, प्रदेश और ग्वालियर के उत्थान का लक्ष्य बनाया। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनके आदर्शो पर चलते हुए प्रदेश का विकास करने में जुटे हुए हैं. कार्यक्रम की संयोजक और पूर्व मंत्री माया सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पहले, मुख्यमंत्री चैहान ने बंधन वाटिका में विजयाराजे सिंधिया के जीवन पर आधारित एक चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 12, 2020 08:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

