Lucknow Tragedy: लखनऊ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दर्दनाक हादसा, सबील बांटने के दौरान मकान का छज्जा गिरा, दो बच्चों की मौत, 10 घायल; VIDEO
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक मकान का छज्जा (बालकनी) गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई और करीब 10 लोग घायल हो गए. हादसा उस समय हुआ जब बालकनी से नीचे खड़े लोगों को शरबत और खाद्य सामग्री बांटी जा रही थी.
Lucknow Tragedy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाहरी इलाके इटौंजा में शुक्रवार रात मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. महोना क्षेत्र में जुलूस में शामिल लोगों को शरबत और अन्य खाद्य सामग्री (सबील) बांटने के दौरान एक दोमंजिला मकान का छज्जा (बालकनी) अचानक भरभराकर गिर गया. इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो नाबालिग बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि लगभग 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह संरचना उस समय ढह गई जब अत्यधिक वजन और नीचे खड़े लोगों द्वारा छज्जे को खींचने के कारण उस पर दबाव बढ़ गया.
सबील और शरबत बांटने के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे महोना के वार्ड संख्या नौ (पकरिया मोहल्ले) में हुई. वहां से मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्वक गुजर रहा था. इसी दौरान मुश्ताक नामक व्यक्ति के घर के बाहर टेंट लगाकर सबील चलाई जा रही थी, जहां राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को ठंडा पानी, शरबत, बिस्कुट और बालूशाही बांटी जा रही थी. यह भी पढ़े: Ratlam: रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया; करंट लगने से लोगों की मौत, कई झुलसे
मुहर्रम जुलूस के दौरान दर्दनाक हादसा
स्थानीय नगर पार्षद अशफाक ने बताया कि कुछ बच्चे और परिवार के सदस्य मकान की बालकनी पर खड़े होकर नीचे खड़े लोगों को खाद्य सामग्री और शरबत के पैकेट दे रहे थे. इसी बीच नीचे मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने सामान लेने के लिए छज्जे के किनारे को पकड़कर नीचे की ओर खींचा. छज्जे पर खड़े लोगों के भार और नीचे से लगे इस खिंचाव के संयुक्त दबाव को कमजोर संरचना सहन नहीं कर सकी और पूरी बालकनी अचानक नीचे आ गिरी.
दो बच्चों की मौत, मलबे में दबे कई लोग
छज्जा गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. बालकनी पर खड़े लोग और नीचे सामान ले रही भीड़ मलबे के नीचे दब गई. घटना की सूचना मिलते ही इटौंजा थाना पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे. स्थानीय निवासियों की मदद से पुलिस ने तेजी से मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला.
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दो बच्चों, 12 वर्षीय अली और 14 वर्षीय अरमान को मृत घोषित कर दिया. दोनों बच्चे हादसे के वक्त छज्जे पर खड़े होकर लोगों की सेवा कर रहे थे. इसके अलावा हादसे में घायल हुए लगभग 10 लोगों को तुरंत नजदीकी राम सागर मिश्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के प्रलयंकारी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है.
पुलिस ने शुरू की जर्जर ढांचे की जांच
पुलिस उपायुक्त (DCP) उत्तरी, गोपाल कृष्ण चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य को संभाला और घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था की. उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि क्षमता से अधिक वजन होने और नीचे से आए खिंचाव के कारण यह हादसा हुआ.
प्रशासन ने अब इस बात की जांच शुरू कर दी है कि संबंधित इमारत का ढांचा कितना पुराना या जर्जर था और क्या सबील वितरण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी. इस हादसे के बाद पूरे महोना क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है.