लखनऊ के हजरतगंज पुलिस ने 9 साल से लापता महिला को बेटे से मिलाया, X पर वायरल हुआ भावुक मिलन का VIDEO
लखनऊ के हजरतगंज थाने की पुलिस ने 9 वर्षों से लापता गुजरात के सूरत की बुजुर्ग महिला रतन बेन को उनके बेटे विशाल से मिला दिया है. गूगल मैप्स और बीट स्तर के समन्वय की मदद से हुए इस भावुक मिलन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
Lucknow Police: लखनऊ के हजरतगंज थाने में उत्तर प्रदेश पुलिस का एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला है. वर्ष 2017 में गुजरात के सूरत से लापता हुई 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला रतन बेन को लखनऊ पुलिस की सक्रियता से 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उनके परिवार से सकुशल मिला दिया गया. थाने परिसर में जब बेटा विशाल अपनी मां से मिला तो दोनों एक-दूसरे को गले लगाकर रो पड़े. मां-बेटे के इस भावुक मिलन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी तेजी से प्रसारित हो रहा है.
सड़क किनारे बैठी बुजुर्ग महिला की देखभाल और पूछताछ
हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के अनुसार, पुलिस टीम ने बालू अड्डा चौराहे के पास एक बुजुर्ग महिला को धूप में असहाय अवस्था में बैठे देखा था. महिला की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे तुरंत अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं. यह भी पढ़े: Mumbai Child Missing: मुंबई में मासूमों के लापता होने को लेकर पुलिस अलर्ट, 36 घंटे में 8 लड़कियों समेत 12 बच्चे लापता, शहरभर में तलाशी अभियान शुरू
पुलिस टीम उन्हें हजरतगंज थाने ले आई, जहां महिला दरोगा ने उनकी देखभाल की. उन्हें नहलाने, भोजन कराने और नए कपड़े पहनाने के बाद जब स्नेहपूर्वक बातचीत की गई, तो उन्होंने टूटे-फूटे शब्दों में 'कतारगाम' और 'फूलपाड़ा' जैसे नामों का उल्लेख किया.
9 साल से लापता महिला बेटे से मिली
गूगल सर्च और सूरत पुलिस के समन्वय से हुई पहचान
महिला द्वारा दिए गए संकेतों के आधार पर हजरतगंज पुलिस ने इंटरनेट और गूगल मैप्स की मदद से सूरत के संबंधित क्षेत्रों की जानकारी जुटाई. इसके बाद सूरत के स्थानीय थाने के बीट इंचार्ज से संपर्क किया गया.
वर्ष 2017 के रिकॉर्ड खंगालने पर रतन बेन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि हुई. इसके तुरंत बाद पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए उनके बेटे विशाल जयेश भाई को उनकी मां से आमने-सामने कराया, जिसके बाद विशाल भावुक होकर तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए.
9 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद हुआ पारिवारिक मिलन
परिवारजनों ने बताया कि पति, मामा और नानी के निधन के बाद रतन बेन गहरे मानसिक सदमे में थीं, जिसके कारण उनका मानसिक संतुलन प्रभावित हो गया था और वे 2017 में अचानक घर से लापता हो गई थीं.
बीते 9 वर्षों से विशाल निरंतर बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर अपनी मां की तलाश कर रहे थे. हजरतगंज थाने में आवश्यक विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद पुलिस ने रतन बेन को उनके बेटे के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद दोनों सूरत के लिए रवाना हो गए.