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Lok Sabha Elections 2024: राजस्थान में पहली बार कांग्रेस से ब्राह्मण, मुस्लिम नेताओं को टिकट नहीं मिला

डीएनए के 'ब्राह्मण' रुख के विपरीत राजस्थान में कांग्रेस ने रेगिस्तानी राज्य की 25 संसदीय सीटों में से किसी पर भी कोई ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं उतारा है.

Lok Sabha Elections 2024: राजस्थान में पहली बार कांग्रेस से ब्राह्मण, मुस्लिम नेताओं को टिकट नहीं मिला
Credit-Latestly.Com

जयपुर, 28 मार्च : डीएनए के 'ब्राह्मण' रुख के विपरीत राजस्थान में कांग्रेस ने रेगिस्तानी राज्य की 25 संसदीय सीटों में से किसी पर भी कोई ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं उतारा है. हालांकि, पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि टिकट सर्वेक्षण के आधार पर दिए गए हैं, न कि जाति या पंथ के आधार पर.

पार्टी ने पहले भी कई बार ब्राह्मण कार्ड खेला है और दावा किया है कि पार्टी के पास 'ब्राह्मण डीएनए' है. कांग्रेस नेता और राहुल गांधी के प्रमुख सहयोगी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी कहा कि "कांग्रेस के खून में ब्राह्मण डीएनए है." पार्टी के दावे को दोहराते हुए राहुल गांधी को भी 'जनेऊ' (पवित्र धागा) पहने हुए और यह दावा करते हुए देखा गया है कि वह कश्मीरी ब्राह्मण हैं. यह भी पढ़ें : Lok Sabha Election 2024: जहर पीने वाले MDMK सांसद ए. गणेशमूर्ति का निधन, टिकट नहीं मिलने से थे नाराज- VIDEO

हालांकि, इस 'ब्राह्मण डीएनए' दावे का खंडन करते हुए कांग्रेस ने राजस्थान से एक भी ब्राह्मण उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है, जिससे समुदाय के कई नेता नाराज हैं. इसी तरह, सबसे पुरानी पार्टी ने राजस्थान में 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को पहले दो चरणों में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी किसी मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है. दरअसल, राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक भी मुस्लिम या ब्राह्मण उम्मीदवार को कांग्रेस का टिकट नहीं मिला है.

सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष, सुरेश मिश्रा ने कहा, "ऐसा लगता है कि कांग्रेस को ब्राह्मण समुदाय से वोट नहीं चाहिए. उन्होंने जयपुर से एक ब्राह्मण नेता को टिकट दिया था, मगर बाद में रद्द कर दिया. आजादी के बाद से पार्टी राजस्थान में ब्राह्मण उम्मीदवारों को दो से तीन टिकट देती रही है. राज्य में लगभग एक करोड़ लोग ब्राह्मण समुदाय से हैं. यह समुदाय का अपमान है.''

वरिष्ठ कांग्रेस नेता वरुण पुरोहित ने कहा, "राजस्थान ने कुछ दिग्गज ब्राह्मण नेताओं को जन्म दिया है. जब कांग्रेस ने ब्राह्मण समुदाय को सम्मान दिया तो उसने शायद ही कभी हार का स्वाद चखा हो. हालांकि, ब्राह्मणों की उपेक्षा और अन्य जातियों को बढ़ावा देने से कांग्रेस की हार हुई. उत्तर प्रदेश और बिहार के उदाहरण इसे इस संदर्भ में लिया जा सकता है, जहां ब्राह्मण नेतृत्व को खत्म करने के बाद कांग्रेस पुनर्जीवित होने में विफल रही. अब वही कहानी राजस्थान में दोहराई जा रही है.''

कांग्रेस ने जयपुर लोकसभा सीट से ब्राह्मण उम्मीदवार सुनील शर्मा को टिकट की पेशकश की थी. हालांकि, आरएसएस समर्थक संगठन, जयपुर डायलॉग्स के साथ उनके संबंधों पर विवाद के बाद उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. शशि थरूर समेत कई कांग्रेस नेताओं ने सुनील शर्मा से पार्टी के प्रति उनकी वफादारी पर सवाल उठाए थे. इसके बाद पार्टी ने पूर्व राज्यमंत्री प्रताप सिंह खाचरिया को जयपुर से मैदान में उतारा.

ब्राह्मण नेताओं के अलावा, पार्टी ने मुस्लिम नेताओं को भी चुनाव लड़ने से मना कर दिया है, क्योंकि वह समुदाय से किसी भी उम्मीदवार को मैदान में उतारने में विफल रही है. राजस्थान में पार्टी के चुनाव वॉर रूम के अध्यक्ष जसवंत सिंह गुर्जर ने कहा, "पार्टी कार्यकर्ताओं के सर्वेक्षण, फीडबैक और मांग के अनुसार टिकट दिए गए हैं. मुस्लिम और ब्राह्मण पारंपरिक रूप से मतदान करते रहे हैं. उम्मीदवार चयन के लिए कई आधार हैं. केवल जाति, समुदाय या वर्ग के आधार पर टिकट नहीं दिया जा सकता." उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे राज्यों में ब्राह्मणों और मुस्लिमों को टिकट दिया गया है, इसलिए राजस्थान में राजनीतिक तौर पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2024 08:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).