Budgam Encounter: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लश्कर कमांडर हाशिम मूसा ढेर; पहलगाम हमले की वायरल तस्वीर में दिखे सभी 4 खूंखार आतंकी अब खत्म
भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के खानसाहिब थाना क्षेत्र स्थित गुरवतकलां (यूसमर्ग इलाका) में एक सटीक खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर हाशिम मूसा उर्फ मोहम्मद आसिफ (आसिफ फौजी) को मुठभेड़ में मार गिराया है.
श्रीनगर: घाटी में आतंकवाद के खिलाफ जारी सघन अभियान में भारतीय सेना की चिनार कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ को बडगाम में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अधिकारियों के अनुसार, बडगाम जिले के खानसाहिब इलाके के गुरवतकलां में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर हाशिम मूसा उर्फ मोहम्मद आसिफ (आसिफ फौजी) मारा गया।
सुरक्षा बलों के मुताबिक, मूसा पिछले काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जब इलाके में उसकी मौजूदगी पुख्ता हुई, तब एक विशेष संयुक्त घेराबंदी की गई। चुनौती दिए जाने पर आतंकी ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया।
'ऑपरेशन शेरूवाली' और लश्कर नेटवर्क को बड़ा झटका
पीआईबी (PIB) और रक्षा सूत्रों के अनुसार, मूसा को मार गिराने की कार्रवाई मई 2026 में शुरू किए गए 'ऑपरेशन शेरूवाली' का हिस्सा थी:
- पीर पंजाल के आर-पार नेटवर्क पर प्रहार: यह दीर्घकालिक अभियान पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर फैले सीमा पार आतंकी नेटवर्क, ओवरग्राउंड वर्करों (OGW) और स्लीपर सेल को नष्ट करने के लिए चलाया जा रहा है.
- कई बड़े हमलों से जुड़ा था नेटवर्क: यह समूह वर्ष 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और क्षेत्र में कई संवेदनशील हमलों में शामिल रहा था. इनमें हालन (अगस्त 2023), डीकेजी (दिसंबर 2023), कंडी (मई 2023), शाहसितार (मई 2024), शिव खोड़ी (जून 2024), गगनगीर (अक्टूबर 2024), बूटापथरी (अक्टूबर 2024) और बैसरन (अप्रैल 2025) के हमले प्रमुख हैं.
पहलगाम हमले की वायरल तस्वीर के चारों आतंकी ढेर
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें चार हथियारबंद आतंकी सामरिक गियर (Tactical Gear) और असॉल्ट राइफलों के साथ घने जंगलों में छिपे नजर आ रहे थे.
बडगाम में मूसा के खात्मे के साथ ही उस तस्वीर में मौजूद चारों शीर्ष लश्कर कमांडरों का 22 महीनों के भीतर पूरी तरह खात्मा हो चुका है:
- जुनैद अहमद भट: 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। जांच एजेंसियों ने उसके मोबाइल डिवाइस से ही यह वायरल ग्रुप फोटो बरामद की थी.
- सुलेमान (उर्फ फैसल जट्ट / सुलेमान शाह): 28 जुलाई 2025 को 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मारा गया. फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई थी कि वह पहलगाम हमले में सीधे गोलीबारी करने वालों में शामिल था.
- यासिर (उर्फ अबू तल्हा): सितंबर 2026 की शुरुआत में बडगाम के जंगलों में 'ऑपरेशन असधर' के दौरान मारा गया। मूसा उस समय घेराबंदी से बच निकला था.
- हाशिम मूसा (उर्फ आसिफ फौजी): गुरवतकलां में ताज़ा मुठभेड़ में मारा गया, जिससे इस पूरे मॉड्यूल का अंत हो गया.
हथियार और गोला-बारूद बरामद, जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ स्थल से तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है:
- सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने मौके से असॉल्ट राइफलें, मैगजीन, जिंदा राउंड और अन्य सैन्य सामग्री जब्त की है.
- इलाके में किसी अन्य आतंकी या स्लीपर सेल की मौजूदगी की संभावना को देखते हुए आसपास के घने जंगलों में सैनिटाइजेशन और तलाशी अभियान लगातार जारी है.
सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ समय से सेना, पुलिस और सीएपीएफ (CAPF) के बीच बेहतर जमीनी समन्वय के चलते आतंकी ढांचों और कमांडरों के सफाए में लगातार सफलता मिल रही है.