Lalbaugcha Raja Darshan: लालबागचा राजा का कैसे करें दर्शन? समय, ऑनलाइन बुकिंग और VIP पास से जुड़ी पूरी जानकारी यहां जानें

मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक जारी रहेंगे. जानिए दर्शन का समय, मुख दर्शन और चरण स्पर्श की व्यवस्था, वीआईपी पास तथा ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी.

(Photo Credits ANI)

Lalbaugcha Raja Darshan:  गणेशोत्सव के पावन अवसर पर मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध गणेश पांडाल 'लालबागचा राजा' के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं. 11 सितंबर 2026 को लालबागचा राजा का पहला रूप (प्रथम दर्शन) सार्वजनिक किया गया था, जिसके बाद 14 सितंबर से भक्तों के लिए औपचारिक दर्शन की शुरुआत हो चुकी है. यह दर्शन 25 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी) तक निरंतर जारी रहेंगे.

यदि आप भी इस वर्ष लालबागचा राजा के दर्शन के लिए जाने की योजना बना रहे हैं, तो दर्शन के समय, प्रवेश व्यवस्था और टिकट संबंधी नियमों को जानना बेहद उपयोगी साबित हो सकता है.  यह भी पढ़े:  Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई में गणेश चतुर्थी की धूम, लालबागचा राजा के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ (Watch Video)

लालबागचा राजा का कैसे करें दर्शन

दर्शन का समय और प्रवेश के प्रकार

लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल में श्रद्धालुओं के लिए दो मुख्य लाइनों की व्यवस्था की जाती है:

वीआईपी दर्शन और टिकट शुल्क की स्थिति

लालबागचा राजा के सामान्य मुख दर्शन और चरण स्पर्श दर्शन पूरी तरह से नि:शुल्क हैं. मंडल की ओर से सामान्य प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है.

वर्ष 2026 के गणेशोत्सव के लिए मंडल द्वारा सशुल्क वीआईपी टिकटों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में कोई सार्वजनिक पेड वीआईपी पास विकल्प सूचीबद्ध नहीं है. इसलिए श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनधिकृत दावों से बचने की सलाह दी जाती है.

ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया (यदि उपलब्ध हो)

यदि मंडल की ओर से उत्सव के दौरान सीमित ऑनलाइन स्लॉट या पास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, तो श्रद्धालु इन चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:

  1. लालबागचा राजा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.

  2. अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन या पंजीकरण करें.

  3. 'ऑनलाइन बुकिंग सेवाएं' सेक्शन में जाकर 'दर्शन टिकट बुकिंग' का चयन करें.

  4. दर्शन का प्रकार, तिथि और उपलब्ध समय स्लॉट चुनें.

  5. अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र संख्या दर्ज करें.

  6. भुगतान प्रक्रिया (यूपीआई, कार्ड या नेट बैंकिंग) को पूरा करें.

  7. बुकिंग की पुष्टि मोबाइल नंबर या ईमेल पर प्राप्त होगी, जिसे पांडाल पहुंचते समय अपने पास रखना होगा.

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह

उत्सव के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण सुबह 5:30 से 8:00 बजे के बीच पहुंचना सबसे सुविधाजनक रहता है. दूर-दराज से आने वाले या मुंबई से बाहर रहने वाले श्रद्धालु मंडल की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया चैनलों के जरिए 24 घंटे लाइव दर्शन का लाभ उठा सकते हैं

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