Lakhimpur-kheri News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आयोजित 'संपूर्ण समाधान दिवस' का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां अपनी पारिवारिक समस्या लेकर पहुंचे 13 वर्षीय छात्र अमिताभ गुप्ता ने जिला अधिकारी (DM) अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) के सामने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी. कक्षा 8 में पढ़ने वाले इस बच्चे ने न सिर्फ अधिकारियों के आश्वासन पर सवाल उठाए, बल्कि सरकारी तंत्र में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. मामले का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गए हैं.
"करवा देंगे नहीं, अभी करवा दीजिए"
जानकारी के अनुसार, अमिताभ गुप्ता सदर कोतवाली क्षेत्र के ईदगाह मोहल्ले का रहने वाला है. वह संपूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) में अपने पैतृक मकान के एक हिस्से पर रिश्तेदारों द्वारा लगाए गए अवैध ताले की शिकायत लेकर अकेले ही पहुंच गया था. जब अधिकारियों ने उसे आश्वासन देते हुए कहा कि "मामले को देखकर ताला खुलवा दिया जाएगा," तो बच्चे ने अधिकारियों को बीच में टोकते हुए कहा, "करवा देंगे नहीं, अभी करवा दीजिए."
13 वर्षीय बच्चे की बेबाकी ने DM को भी चौंकाया
'कमीशन दे दो तो काम हो जाता है', 13 साल के बच्चे के आगे लाजवाब हो गए DM
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान 13 वर्षीय अमिताभ गुप्ता ने डीएम अंजनी कुमार सिंह के सामने अपने परिवार की परेशानी बेबाकी से रखी. उसने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा,… pic.twitter.com/U8T7rI3h5f
— AajTak (@aajtak) July 19, 2026
अमिताभ ने अधिकारियों से तुरंत ऑन-स्पॉट कार्रवाई की मांग की. उसने अधिकारियों के सामने यह भी कहा कि अगर "कमिशन दे दो तो काम हो जाता है". बच्चे के इस बेबाक बयान और तर्कों के सामने वहां मौजूद जिला अधिकारी सहित तमाम बड़े अधिकारी कुछ पल के लिए शांत नजर आए.
पढ़ाई और आर्थिक तंगी का हवाला
बातचीत के दौरान जब जिला अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बच्चे को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, तो बच्चे ने अपनी आर्थिक स्थिति का ब्यौरा अधिकारियों के सामने रख दिया. अमिताभ ने बताया कि उसके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और उसकी मां दूसरों के घरों में काम करके बमुश्किल 3,000 रुपये प्रति माह कमा पाती है.
उसने कहा कि पढ़ाई के लिए पैसों और किताबों की जरूरत होती है. यदि उनके घर का विवादित हिस्सा खाली हो जाए, तो उसे किराए पर देकर वह और उसकी बहन अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकते हैं. बच्चे ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले स्थानीय पुलिसकर्मी ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने से मना कर दिया था.
प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
वीडियो के सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा होने के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम तुरंत बच्चे के घर पहुंची. स्थानीय कोतवाली प्रभारी ने परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया. बच्चे की मां ने पुष्टि की कि उनका परिवार गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और मकान को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा है.
जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चे की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है. डीएम ने स्थानीय पुलिस निरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से मौके पर जाकर जांच करने और नियमानुसार समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों का आश्वासन है कि कानून के दायरे में रहकर परिवार की हर संभव मदद की जा रही है और मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.













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