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Kotkapura Firing Case: एसआईटी ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ की

पंजाब के कोटकपूरा में 2015 में हुई पुलिस गोलीबारी घटना की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ की. सूत्रों ने बताया कि पंजाब पुलिस की एसआईटी यहां सेक्टर-चार स्थित बादल के सरकारी एमएलए फ्लैट में पहुंची.

Kotkapura Firing Case: एसआईटी ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ की
पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ( फोटो क्रेडिट- ANI)

चंडीगढ़, 22 जून : पंजाब के कोटकपूरा में 2015 में हुई पुलिस गोलीबारी घटना की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal) से पूछताछ की. सूत्रों ने बताया कि पंजाब पुलिस की एसआईटी यहां सेक्टर-चार स्थित बादल के सरकारी एमएलए फ्लैट में पहुंची. टीम वहां करीब ढाई घंटे तक रही. इससे पहले एसआईटी ने अकाली दल के संरक्षक से मोहाली में 16 जून को पूछताछ के लिए समन भेजा था, लेकिन बादल ने पेश होने की तारीख बदलने की मांग की थी और कहा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के प्रधान सलाहकार हरचरण बैंस ने कहा था, ‘‘पांच बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल 22 जून को सुबह साढ़े दस बजे चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-चार में अपने सरकारी एमएलए फ्लैट में एसआईटी के समक्ष पेश होंगे.

बादल की तबीयत अब भी ठीक नहीं है लेकिन देश के कानून का पालन करने वाले नागरिक होने के नाते वह अपने कानूनी एवं संवैधानिक कर्तव्यों को पूरा करने की इच्छा रखते हैं.’’ फरीदकोट में 2015 में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी और इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीबारी की घटना हुई थी. उस वक्त बादल प्रांत के मुख्यमंत्री थे. राज्य सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देश पर मई में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एल. के. यादव के नेतृत्व में कोटकपूरा पुलिस गोलीबारी घटना की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया. उच्च न्यायालय ने पुलिस महानिरीक्षक कुंवर विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली पहली एसआईटी द्वारा नौ अप्रैल को सौंपी गई रिपोर्ट को खारिज कर दिया था. यह भी पढ़ें: ‘वैक्सीन उपलब्धता की समस्या अब नहीं होगी, अगले महीने 20-22 करोड़ खुराक की आपूर्ति

कोटकपूरा घटना के सिलसिले में 14 अक्टूबर 2015 और सात अगस्त 2018 को दर्ज दो प्राथमिकियों की जांच नई एसआईटी कर रही है. यह पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी और कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. पूर्ववर्ती एसआईटी ने 2018 में बादल से पूछताछ की थी. उस वक्त बादल ने कहा था कि एसआईटी ‘‘राजनीतिक रूप से प्रेरित है’’ और जांच उन्हें बदनाम करने का प्रयास है. पुलिस ने 2015 में फरीदकोट के बहबल कलां में इसी तरह के प्रदर्शन पर गोलीबारी की थी जिसमें दो लोग मारे गए थे. उस मामले में अलग से जांच चल रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2021 03:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).