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Youngest Mayor in India: 21 साल की आर्या राजेंद्रन बन सकती हैं तिरुवनंतपुरम की मेयर, देश में अब तक की सबसे युवा महापौर

केरल निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद अब मुड़वणमुगल वार्ड की पार्षद आर्य राजेंद्रन (Arya Rajendran) बनने वाली हैं तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) की नई मेयर. इसके साथ ही आर्य राजेंद्रन के नाम एक नया रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा. दरअसल मुदवनमुगल वार्ड की पार्षद आर्य राजेंद्रन की उम्र 21 साल है. इतनी कम उम्र में अब तक कोई मेयर नहीं है. जैसे ही आर्य राजेंद्रन जैसे इस पद पर आसीन होंगी. उनके नाम इंडिया में सबसे यंग मेयर (Youngest Mayor) बनने का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा. आर्य राजेंद्रन ऑल सेंट्स कॉलेज में बीएससी मैथ्स की छात्रा हैं. इसके साथ ही आर्या राजेंद्रन एसएफआई स्टेट कमेटी की सदस्य भी हैं.

Youngest Mayor in India: 21 साल की आर्या राजेंद्रन बन सकती हैं तिरुवनंतपुरम की मेयर, देश में अब तक की सबसे युवा महापौर
आर्य राजेंद्रन (फोटो क्रेडिट- Facebook)

तिरुवनंतपुरम:- केरल निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद अब मुड़वणमुगल वार्ड की पार्षद आर्य राजेंद्रन (Arya Rajendran) का नाम तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) की नई मेयर बनने वालों में आगे हैं. अगर ऐसा होता है तो आर्य राजेंद्रन के नाम एक नया रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा. दरअसल मुदवनमुगल वार्ड की पार्षद आर्य राजेंद्रन की उम्र 21 साल है. इतनी कम उम्र में अब तक कोई मेयर नहीं है. जैसे ही आर्य राजेंद्रन जैसे इस पद पर आसीन होंगी. उनके नाम इंडिया में सबसे यंग मेयर (Youngest Mayor) बनने का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा. आर्य राजेंद्रन ऑल सेंट्स कॉलेज में बीएससी मैथ्स की छात्रा हैं. इसके साथ ही आर्या राजेंद्रन एसएफआई स्टेट कमेटी की सदस्य भी हैं.

पार्षद आर्य राजेंद्रन इसके साथी ही सीपीएम ब्रांच कमेटी की सदस्य और बालाजनसंघम की प्रदेश अध्यक्ष हैं. उनके पिता का नाम राजेंद्रन है. जो एक इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं. उसके मां श्रीलथा जो हैं वो एक एलआईसी एजेंट का काम करती हैं. बता दें कि केरल स्थानीय निकाय चुनावों में सीपीएम के नेतृत्व वाली एलडीएफ ने शानदार जीत दर्ज किया है. उसके बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूडीएफ रही. kerala Assembly Election 2021: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर BJP नेताओं की बैठक, जीत को लेकर बनाई योजना.

गौरतलब हो कि अगर केरल निकाय चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो 941 ग्राम पंचायतों में से 514 और 14 जिला पंचायतों में सबसे बड़ी जीत राज्य में सत्तारूढ़ लेफ्ट को हुई है. जिसमें लेफ्ट को 10 जिले उनके खाते में आए हैं. जबकि इसके अलावा 152 ब्लॉक पंचायतों में से 108 पर सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ को जीत मिली है. निकाय चुनाव में एनडीए के हिस्से भले ही जिला पंचायत की एक सीट भी न आई हो लेकिन बीजेपी को 23 ग्राम पंचायत में जीत मिली है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 25, 2020 03:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).