Heatwave In Kashmir: कश्मीर घाटी में भीषण गर्मी का प्रकोप, सामान्य से 8 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा; जानें कब मिलेगी राहत
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

श्रीनगर: आमतौर पर अपने ठंडे और सुहावने मौसम के लिए जानी जाने वाली कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) इस समय भीषण और असाधारण हीटवेव (Heatwave) की चपेट में है. मौसम विज्ञान केंद्र (MeT) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान घाटी में दिन का तापमान सामान्य मौसमी औसत से 8°C तक ऊपर जा सकता है. मौसम के इस बदलते मिजाज के कारण सोमवार, 29 जून 2026 को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 35°C से 37°C के बीच पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जिसने पूरे क्षेत्र में हीटवेव के अलर्ट को सक्रिय कर दिया है. राहत की बात केवल यह है कि सप्ताह के उत्तरार्ध में एक नया वेदर सिस्टम घाटी में दस्तक देने वाला है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी. यह भी पढ़ें: Maharashtra Rains Update: महाराष्ट्र में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, विदर्भ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; मुंबई समेत कोकण क्षेत्र में वर्षा को लेकर चेतावनी जारी

कश्मीर के अधिकांश जिलों में ऐतिहासिक रूप से चढ़ा पारा

विभिन्न मौसम विज्ञान मॉडलों से प्राप्त डेटा के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को घाटी में अत्यधिक गर्मी की यह स्थिति बनी रहेगी. हालांकि कुछ गिने-चुने वेदर मॉडलों ने श्रीनगर के लिए अधिकतम तापमान 34°C के आसपास रहने का थोड़ा कम अनुमान भी लगाया है, लेकिन अधिकांश विश्लेषकों का मत है कि इस उच्च पर्वतीय क्षेत्र के लिए यह तापमान एक ऐतिहासिक उछाल है.

जून के अंतिम सप्ताह में तापमान का सामान्य से 4°C से 8°C अधिक होना स्थानीय आबादी के लिए चिंता का विषय बन गया है. चूंकि यहाँ की जलवायु आमतौर पर समशीतोष्ण (Temperate Climate) रहती है, इसलिए स्थानीय लोगों को इतने लंबे समय तक चलने वाली तेज गर्मी का सामना करने की आदत नहीं है. प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर के पीक ऑवर्स (दोपहर 12 से 3 बजे) के दौरान सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है.

श्रीनगर में 37°C तापमान दर्ज किया जा सकता है, 2 जुलाई से राहत की उम्मीद

जम्मू संभाग में बिल्कुल विपरीत मौसम, मानसून की बौछारें सक्रिय

कश्मीर घाटी जहां भीषण गर्मी से तप रही है, वहीं केंद्र शासित प्रदेश का जम्मू संभाग इसके बिल्कुल विपरीत मौसम का गवाह बन रहा है. जम्मू क्षेत्र में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण दिन का तापमान काफी हद तक स्थिर और नियंत्रित बना हुआ है.

मौसम अपडेट के अनुसार, अगले 48 घंटों में जम्मू में तापमान में किसी बड़े उछाल की संभावना नहीं है. इसके बजाय, नमी से भरी हवाओं के कारण संभाग के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी.

मध्य सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ लाएगा राहत

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, कश्मीर घाटी में जारी यह हीटवेव मंगलवार शाम तक अपने चरम पर रहने के बाद कमजोर पड़ने लगेगी. भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Mediterranean Region) से उत्पन्न होने वाला और नमी से भरपूर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह वेदर सिस्टम मध्य सप्ताह तक जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कर जाएगा.

इसके प्रभाव से बुधवार, 1 जुलाई 2026 से मौसम के मिजाज में पहला सुधार देखने को मिलेगा. इसके बाद गुरुवार, 2 जुलाई से पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से बारिश होने और ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान दोबारा सामान्य स्तर पर आ जाएगा और लोगों को इस भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी.