Karnataka: जिस पत्नी के मर्डर केस में पति ने 2 साल जेल में काटे, वो निकली जिंदा, कोर्ट में खुद अपने पैरोंं पर चलकर पहुंची 'लाश'!
एक कर्नाटक निवासी व्यक्ति को अपनी पत्नी की झूठी हत्या के आरोप में डेढ़ साल जेल में रहना पड़ा. अदालत में वही 'मरी हुई' पत्नी जिंदा सामने आई, जिससे पूरे केस में नया मोड़ आ गया. अब अदालत ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए दोबारा जांच का आदेश दिया है.
मैसूरु: कर्नाटक के मैसूरु जिले में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पत्नी की कथित हत्या के आरोप में पति को डेढ़ साल तक जेल में रहना पड़ा, जबकि महिला जीवित है और हाल ही में अदालत में पेश हुई. इसके बाद अदालत ने पुलिस की लापरवाही पर तीखी टिप्पणी करते हुए मैसूरु के एसपी को मामले की दोबारा जांच कर 17 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.
कोडगु की 'गायब' महिला निकली जिंदा
यह मामला कुरुबारा सुरेश (38 वर्ष) से जुड़ा है, जिसने दिसंबर 2020 में कोडगु जिले से अपनी पत्नी मल्लिगे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. करीब नौ महीने बाद बेट्टदपुरा पुलिस को एक अज्ञात महिला का शव मिला और उन्होंने सुरेश पर दबाव बनाकर उसे मल्लिगे का शव मानने के लिए मजबूर किया. इसके बाद सुरेश को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
गवाहों ने अदालत में खोला सच
सितंबर 2022 में इस मामले में सुनवाई शुरू हुई और 2 अप्रैल 2025 तक कई बार सुनवाई हुई. इसी बीच सुरेश के एक परिजन मल्लिगे को अदालत में लेकर आए. अदालत में मल्लिगे ने स्पष्ट रूप से कहा कि शव पर जो कपड़े और चूड़ियां मिली थीं, वे उसकी नहीं थीं. अदालत ने मल्लिगे को चार दिन के लिए एक पुनर्वास केंद्र में रखने का आदेश दिया ताकि पुलिस उसका बयान दर्ज कर सके.
पुलिस की लापरवाही पर अदालत सख्त
पांचवीं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुराज सोमक्कलवार ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी ठोस सबूत के सुरेश के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया. यह आरोपपत्र पूरी तरह सुनी-सुनाई बातों पर आधारित प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि यह देश का तीसरा या चौथा ऐसा मामला है, जिसमें मरी हुई घोषित महिला जीवित निकली है.
सुरेश के पिता ने की कार्रवाई की मांग
सुरेश के पिता कुरुबारा गांधी ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके बेटे को झूठे मामले में फंसाया और जेल में प्रताड़ित किया.
जज ने कहा – चार्जशीटें हो रही हैं लापरवाह
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि हाल के समय में जांच अधिकारी जो आरोपपत्र दाखिल कर रहे हैं, वे बेहद लापरवाही से तैयार किए गए हैं और उनमें कोई डिजिटल सबूत तक नहीं होता. पुलिस ने सिर्फ कपड़ों और चूड़ियों के आधार पर यह मान लिया कि शव मल्लिगे का है, जबकि ऐसा कोई वैज्ञानिक या पुष्टि करने वाला सबूत नहीं था.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2025 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

