कर्नाटक में हड़कंप: कलबुर्गी के आवासीय हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग, डिनर के बाद 50 छात्र अस्पताल में भर्ती; जांच शुरू
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में स्थित मुरारजी देसाई आवासीय हॉस्टल में बीती रात दूषित भोजन (फूड पॉइजनिंग) के कारण 50 छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. हॉस्टल मेस में रात का खाना खाने के बाद छात्रों ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
कलबुर्गी: कर्नाटक (Karnataka) के कलबुर्गी जिले (Kalaburagi District) से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी आवासीय हॉस्टल (Government Residential Hostel) में रात का खाना खाने के बाद दर्जनों बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए. जिले के दंडोती स्थित 'मुरारजी देसाई आवासीय हॉस्टल' (Murarji Desai Residential Hostel) के कम से कम 50 छात्रों को फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) के लक्षण दिखने के बाद आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. बताया जा रहा है कि गुरुवार रात हॉस्टल की मेस में रात का खाना (डिनर) खाने के कुछ ही देर बाद छात्रों ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत की. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्डन और स्टाफ ने तुरंत आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल लागू किया और बच्चों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भिजवाया. यह भी पढ़ें: Andhra Pradesh Food Poisoning: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में रोडसाइड स्टॉल से स्नैक्स खाना पड़ा भारी; 23 लोग अस्पताल में भर्ती, जांच शुरू
विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है छात्रों का इलाज
हादसे के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हुआ और प्रभावित छात्रों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए उन्हें आस-पास के कई चिकित्सा केंद्रों में वितरित (शिफ्ट) किया गया. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बीमार छात्रों के आंकड़ों की पुष्टि की है:
- चित्तपुर अस्पताल: सबसे ज्यादा 31 छात्रों को यहां भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखरेख कर रही है.
- गुंडगुर्ती अस्पताल: यहां 10 छात्रों का उपचार जारी है.
- मल्खेड अस्पताल: 5 छात्रों को इस केंद्र में भर्ती कराया गया है.
- दंडोती अस्पताल: स्थानीय स्तर पर 1 छात्र को भर्ती किया गया है, जबकि शेष अन्य बच्चों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीमें नजर बनाए हुए हैं.
उपायुक्त और स्वास्थ्य अधिकारी पहुंचे अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही कलबुर्गी के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) इकरामुल्ला शरीफ और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) शरणबसप्पा आपातकालीन दौरे पर चित्तपुर अस्पताल पहुंचे. वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती छात्रों के स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया और उपचाराधीन बच्चों तथा उनके परिजनों से बातचीत की.
डिप्टी कमिश्नर ने अस्पताल प्रशासन और इलाज कर रहे डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि वे सभी बीमार बच्चों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक दवाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं ताकि वे जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो सकें.
दूषित भोजन या पानी की आशंका; लैब भेजे गए सैंपल
हालांकि, बच्चों के इस तरह सामूहिक रूप से बीमार पड़ने के सटीक कारणों की आधिकारिक जांच अभी जारी है, लेकिन प्राथमिक जांच के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारियों को अंदेशा है कि रात के खाने के दौरान परोसा गया भोजन या पीने का पानी दूषित (कंटैमिनेटेड) था.
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए हॉस्टल के किचन और मेस को अस्थायी रूप से सील कर दिया है. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रसोई से भोजन और पानी के नमूने (सैंपल्स) एकत्र किए हैं, जिन्हें सटीक स्रोत और बैक्टीरिया के संक्रमण का पता लगाने के लिए प्रयोगशाला (लैब एनालिसिस) भेजा जा रहा है. हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों के स्वास्थ्य की भी एहतियातन जांच की जा रही है.