Andhra Pradesh Food Poisoning: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में रोडसाइड स्टॉल से स्नैक्स खाना पड़ा भारी; 23 लोग अस्पताल में भर्ती, जांच शुरू
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में एक सड़क किनारे स्थित फूड स्टॉल से 'चल्ला पुनुगुलु' (स्नैक्स) खाने के बाद कम से कम 23 लोग संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग के कारण अस्पताल में भर्ती हो गए हैं. कई अन्य लोगों में भी हल्के लक्षण देखे गए हैं. मानसून के मौसम के बीच हुई इस घटना के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने फूड स्टॉल से खाद्य पदार्थों और पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं.
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काकीनाडा: आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के काकीनाडा (Kakinada) जिले से फूड प्वाइजनिंग (Food Poisoning) का एक गंभीर मामला सामने आया है. यहाँ एक स्थानीय सड़क किनारे (रोडसाइड) लगे स्टॉल से डीप-फ्राइड स्नैक्स (Deep-Fried Snacks) खाने के बाद कम से कम 23 लोग बीमार हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा. घटना के बाद कुछ अन्य ग्रामीणों में भी उल्टी और पेट दर्द जैसे हल्के लक्षण दिखाई दिए हैं. मानसून की शुरुआत के बीच सामने आई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है, जिसके बाद बीमारी के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. यह भी पढ़ें: Food Poisoning in Telangana: तेलंगाना में पानीपुरी खाने के बाद 15 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
स्नैक्स खाने के कुछ ही घंटों बाद बिगड़ी तबीयत
यह पूरा मामला काकीनाडा जिले के दुग्गुदुरू (Duggudurru) गांव का है. प्रभावित लोगों ने गांव में ही स्थित एक स्थानीय बज्जी स्टॉल (Bajji Stall) से 'चल्ला पुनुगुलु' (मैदे और दही से बना एक पारंपरिक डीप-फ्राइड स्नैक्स) खाया था. भोजन करने के कुछ ही घंटों के भीतर कई लोगों को तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख घबराए परिजनों ने बीमार लोगों को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया, जहां उन्हें आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की गई.
डॉक्टरों का बयान: सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर
नुदुरुपाडु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Nudurupadu PHC) की चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाई सुप्रिया ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में रविवार शाम से ही दस्त और उल्टी के मरीज आने शुरू हो गए थे.
चिकित्सीय अपडेट: "हमारे पास इलाज के लिए कुल 32 मरीज पहुंचे थे। इनमें से 23 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत इंजेक्शन और इंट्रावेनस (IV) एंटीबायोटिक्स देने की आवश्यकता पड़ी. प्रारंभिक जांच और पूछताछ में अधिकांश मरीजों ने बताया कि उन्होंने बीमार होने से पहले एक स्टॉल से चल्ला पुनुगुलु खाया था. राहत की बात यह है कि सभी मरीज इलाज का अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं और वर्तमान में उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में है.'
खाद्य और पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए
घटना की भनक लगते ही काकीनाडा के जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DM&HO) ने तुरंत दुग्गुदुरू गांव का दौरा किया और अस्पताल में मरीजों को दिए जा रहे उपचार की समीक्षा की. स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम ने संबंधित स्टॉल और उसके आसपास से खाद्य सामग्री व पानी के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं.
अधिकारियों के अनुसार, फूड प्वाइजनिंग के सटीक कारणों (जैसे दूषित सामग्री का उपयोग, अस्वच्छ तरीके से खाना बनाना या दूषित पानी) का पता प्रयोगशाला (Laboratory Analysis) की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा. इस बीच, घटना के बाद से ही उक्त स्टॉल संचालक अपनी दुकान बंद करके फरार बताया जा रहा है.
मानसून में अस्वच्छ खान-पान से बचने की सलाह
चूंकि इस समय देश भर में मानसून का मौसम सक्रिय है, डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता को सड़क किनारे खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से सख्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी है. डॉ. सुप्रिया ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मौसम में केवल उबला हुआ और छना हुआ पानी ही पिएं. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टी या दस्त के लक्षण महसूस होते हैं, तो वे खुद से कोई दवा (Self-medication) लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2026 06:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

