Karnataka: चिप्स के पैकेट से निकली प्लास्टिक की गेंद निगलने से 5 साल के मासूम की मौत; मैसूरु की दुखद घटना

कर्नाटक के मैसूरु जिले के हुणसूर तालुका स्थित गौरीपुरा गांव में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. चिप्स के पैकेट के अंदर मुफ्त उपहार (मुफ्त खिलौने) के रूप में मिली एक छोटी प्लास्टिक की गेंद गले में अटक जाने से 5 वर्षीय मासूम मुकुंद मयूर की दम घुटने से मौत हो गई.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Pixabay)

मैसूरु (कर्नाटक): कर्नाटक (Karnataka) के मैसूरु (Mysuru) जिले के हुणसूर तालुका स्थित गौरीपुरा गांव में एक 5 वर्षीय बच्चे की चिप्स के पैकेट में निकले प्लास्टिक के खिलौने से दम घुटने के कारण मृत्यु हो गई. पुलिस के अनुसार, बालक ने स्नैक पैकेट के साथ मुफ्त मिली छोटी प्लास्टिक की गेंद को खेलते-खेलते मुंह में डाल लिया, जो उसके गले में जाकर फंस गई.

दम घुटने से बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी. परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए हुणसूर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक बच्चे की पहचान मुकुंद मयूर के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. यह भी पढ़ें: Delhi Minor Rape Case: दिल्ली की नाबालिग से गुरुग्राम के होटल में कई बार दुष्कर्म का आरोप, गर्भवती होने पर सामने आया मामला

खेलते-खेलते गले में फंसा प्लास्टिक का खिलौना

पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को बालक मुकुंद मयूर घर पर रो रहा था. बच्चे को चुप कराने के लिए परिजनों ने पास की एक दुकान से उसे कुरकुरे/स्नैक का पैकेट खरीद कर दिया.

पैकेट के भीतर एक छोटी प्लास्टिक की खिलौना गेंद मुफ़्त उपहार के रूप में दी गई थी. बच्चा स्नैक खाने और खिलौने से खेलने के दौरान अचानक उस प्लास्टिक की गेंद को निगल बैठा, जिससे वह उसकी श्वास नली (गले) में जाकर अटक गई और उसका दम घुटने लगा.

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

बच्चे को सांस लेने में असमर्थ देखकर घबराए परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत हुणसूर के सरकारी अस्पताल ले जाने लगे. हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया.

अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित करते हुए बताया कि गले में प्लास्टिक की गेंद फंसने के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई थी, जिससे उसकी मृत्यु हुई.

गांव में शोक की लहर, पुलिस जांच जारी

मृतक मुकुंद मयूर स्थानीय किसान संतोष और ऐश्वर्या का इकलौता बेटा था. वह पूर्व ग्राम पंचायत उपाध्यक्ष गौराम्मा और शंकर नायक का पोता था. इस दुखद हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है.

हुणसूर ग्रामीण पुलिस थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई है और मामला दर्ज कर मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है. इस हादसे के बाद बच्चों के खाने-पीने के पैकेटों में दिए जाने वाले छोटे प्लास्टिक के खिलौनों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं.

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