Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के चलते यूपी के गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे स्कूल, आदेश जारी
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के आवागमन पर व्यापक प्रतिबंध लागू रहते हैं. इस दौरान विद्यार्थियों और स्कूली बसों के सुचारू संचालन में संभावित व्यवधान एवं सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सभी शैक्षणिक संस्थानों को 4 से 12 अगस्त तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है. जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मांदड़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू रहेगी.
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के आवागमन पर व्यापक प्रतिबंध लागू रहते हैं. इस दौरान विद्यार्थियों और स्कूली बसों के सुचारू संचालन में संभावित व्यवधान एवं सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. यह भी पढ़े: Kawad Yatra 2023: कब शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा? कितने तरह की होती है यह यात्रा? जानें इसके नियम?
सभी सरकारी और निजी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा आदेश
प्रशासनिक आदेश के तहत जिले के सभी सरकारी, शासन द्वारा सहायता प्राप्त, निजी, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और यूपी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों को बंद रखा जाएगा.
आदेश की अवधि के दौरान कक्षा 1 से 12वीं तक की भौतिक (ऑफलाइन) कक्षाएं पूरी तरह से स्थगित रहेंगी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले शिक्षण संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
विद्यार्थियों के लिए शुरू होगी ऑनलाइन पढ़ाई
कांवड़ यात्रा की छुट्टी के दौरान छात्रों के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक कैलेंडर पर असर न पड़े, इसके लिए कई निजी और पब्लिक स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की घोषणा की है.
स्कूल प्रबंधनों द्वारा अभिभावकों को ऑनलाइन क्लास का शेड्यूल, डिजिटल लिंक और आवश्यक दिशा-निर्देश ई-मेल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भेजे जा रहे हैं. प्रशासन ने भी स्कूलों को सलाह दी है कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर छात्रों की पढ़ाई जारी रख सकते हैं.
वेस्ट यूपी के कई अन्य जिलों में भी यातायात प्रतिबंध और छुट्टियां लागू
कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं. मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में भी शिवभक्तों की आवाजाही को देखते हुए स्कूलों में छुट्टियों का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है.
उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़िए मेरठ, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते हैं. इसके चलते गाजियाबाद पुलिस ने 12 अगस्त (सावन शिवरात्रि जलभिषेक) तक भारी और हल्के वाहनों के लिए चरणबद्ध रूट डायवर्जन लागू किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2026 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

