Jharkhand Science Paper Leak: झारखंड में दसवीं बोर्ड के साइंस का पेपर वायरल, परीक्षा होगी रद्द
Representational Image | Pixabay

रांची, 20 फरवरी : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की दसवीं बोर्ड परीक्षा के साइंस का पेपर लीक हो गया है. यह परीक्षा गुरुवार को पहली पाली में आयोजित हुई थी. काउंसिल ने भी पेपर लीक होने की बात स्वीकार कर ली है. काउंसिल के अध्यक्ष नटवा हांसदा ने कहा है कि साइंस पेपर की परीक्षा रद्द की जाएगी.

पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने इस मुद्दे पर गुरुवार दोपहर हाई लेवल मीटिंग की. सरकार ने इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है. 19 फरवरी को विज्ञान का प्रश्न पत्र वायरल हो रहा था. इसकी प्रतिलिपि लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को काउंसिल के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी. गुरुवार को सुबह 9.45 बजे जब परीक्षा शुरू हुई तो पेपर हू-ब-हू वही था, जो पहले से वायरल हो रहा था. इसकी जानकारी तत्काल राज्य सरकार को गई, जिसके बाद पेपर रद्द करने की प्रशासनिक कवायद चल रही है. यह भी पढ़ें : West Bengal: एनआरआई कोटे के तहत मेडिकल कॉलेजों में दाखिले में नियमितताओं के संबंध में ईडी ने छह स्थानों पर की छापेमारी

काउंसिल के अध्यक्ष नटवा हांसदा ने कहा है कि पेपर कैसे लीक हुआ, इसकी जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की जाएगी. इसके पहले हिंदी का प्रश्न पत्र लीक होने की भी पुरजोर चर्चा थी. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने काउंसिल के सचिव को सौंपे गए एक ज्ञापन में भी इसकी जानकारी दी थी. हालांकि, उस वक्त काउंसिल ने आम सूचना जारी कर परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र वायरल होने की अफवाहों से दूर रहने की अपील की थी. जैक सचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि अभ्यर्थियों को भ्रामक खबरों से बचना है. परिषद पूरी गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

कहा गया था कि प्रश्न पत्र लीक होने की भ्रामक खबरें फैलाकर असामाजिक तत्व छात्रों और अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने ऐसी किसी भी खबर की पुष्टि के लिए जैक की आधिकारिक वेबसाइट को देखने की सलाह दी थी. राज्य में दसवीं की परीक्षा 11 फरवरी से शुरू हुई है. इसके लिए राज्य भर में 1,297 केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 4,33,890 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.