VIDEO: प्रचंड गर्मी के बीच झांसी में बिजली कटौती! ATM मशीनों के पास सोने को मजबूर महिलाएं और बच्चे
झांसी में भीषण गर्मी के बीच 15 घंटे तक बिजली कटौती से लोग परेशान हैं. बिजली न होने से लोग एटीएम मशीनों और सड़कों पर बच्चों समेत सोने को मजबूर हैं. आक्रोशित लोगों ने आधी रात को पॉवर हाउस के बाहर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया.
Jhansi Power Cut Crisis: झांसी में इन दिनों भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि आधी रात को छोटे-छोटे बच्चों को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए. कोई अपने बच्चे को जलती सड़कों पर सुला रहा है तो कोई एटीएम मशीनों के पास लेटा रहा है, ताकि किसी तरह थोड़ी राहत मिल सके.
घंटों की बिजली कटौती, पानी भी नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि झांसी के कई इलाकों में 15-15 घंटे तक बिजली नहीं आ रही है. ऐसे में न तो घरों में पंखा चल पा रहा है, न ही पानी की सुविधा मिल रही है. बीमार और बुजुर्ग लोग खास तौर से परेशान हैं. कई बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरी में लोगों ने सड़क पर ही बिस्तर डाल दिए.
पॉवर हाउस के बाहर जाम और हंगामा
गर्मी और बिजली कटौती से परेशान दर्जनों लोग देर रात पॉवर हाउस के बाहर जमा हो गए. महिलाओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान ट्रैफिक भी बाधित रहा.
पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे
जैसे ही प्रदर्शन की जानकारी मिली, दो थानों की पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की और जल्द समाधान का आश्वासन दिया.
किन इलाकों में सबसे ज्यादा संकट?
झांसी के उन्नाव गेट, मुकरयाना, अलीगोल, नई बस्ती, और दरिगिरान जैसे इलाकों में हालत सबसे ज्यादा खराब हैं. यहां लोगों को 24 घंटे में से सिर्फ 9 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. बाकी समय में लोग बिना पंखा, बिना कूलर और बिना पानी के जीने को मजबूर हैं.
बिजली विभाग का क्या कहना है?
विद्युत विभाग के जीएम मो. सगीर ने बताया कि अचानक बढ़ी गर्मी की वजह से लोड बढ़ गया है, जिससे ट्रिपिंग और ओवरलोड की समस्या आ रही है. उन्होंने कहा कि स्थिति को काबू में लाने के लिए टीम काम कर रही है और जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी.
झांसी जैसे शहर में जहां गर्मी का प्रकोप वैसे ही लोगों को झुलसा देता है, वहां अगर 15 घंटे तक बिजली गायब रहे तो हालात भयावह हो जाते हैं. प्रशासन और बिजली विभाग को चाहिए कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले, ताकि लोगों को राहत मिल सके.