Delhi Jantar Mantar Ink Attack: सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी नीली स्याही; मचा हंगामा; देखें VIDEO

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने नीली शाई फेंक दी. यह घटना पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाए जाने के बाद उनके समर्थन में आयोजित सभा के दौरान हुई.

(Photo Credits Twitter)

Delhi Jantar Mantar Ink Attack: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने नीली शाई फेंक दी. यह घटना उस समय हुई जब दीपके मंच से समर्थकों को संबोधित कर रहे थे. शाई फेंकने के तुरंत बाद वहां मौजूद समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों ने महिला को रोक लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

भाषण के दौरान हुआ शाई से हमला

चश्मदीदों के अनुसार, अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे. इसी बीच भीड़ से निकलकर एक महिला मंच के करीब आई और उसने दीपके के ऊपर नीली शाई फेंक दी. इस अचानक हुए हमले से कार्यक्रम में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.  यह भी पढ़े:  Sonam Wangchuk Health Update: दिल्ली में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, अस्पताल ने कहा- कमजोरी बरकरार, लगातार निगरानी की जरूरत

अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी नीली स्याही

वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिला को पकड़ लिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. अभी तक महिला की पहचान और इस कदम के पीछे के मकसद का खुलासा नहीं हो पाया है.

दीपके की प्रतिक्रिया: 'नीला मेरा रंग है... जय भीम!'

घटना के कुछ ही समय बाद, अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शाई से सने कपड़ों में अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा किए. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "ब्लू इज माई कलर... जय भीम!"

राजनीतिक विश्लेषकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा उनके इस बयान को अंबेडकरवादी आंदोलन में नीले रंग के प्रतीकात्मक महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है. इस पोस्ट के बाद उनके समर्थकों ने ऑनलाइन एकजुटता संदेश साझा करना शुरू कर दिया.

सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ा है मामला

यह पूरा विवाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ा हुआ है. नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 20 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद, दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था.

सीजेपी (CJP) ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाया है. वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के विरोध में अभिजीत दीपके ने भी जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का एलान कर दिया था और इसी सभा के दौरान उन पर यह हमला हुआ.

पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, घटना स्थल के आस-पास के वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की समीक्षा की जा रही है. पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी संगठन की सोची-समझी साजिश थी या महिला ने व्यक्तिगत स्तर पर ऐसा किया.

इस हंगामे के बावजूद जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों का प्रदर्शन पुलिस की निगरानी में जारी है. संगठन के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे 20 जुलाई को संसद मार्च की अपनी पहले से तय योजना पर कायम रहेंगे.

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