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दोस्ती की मिसाल: परिवार के विरोध के बाद बीमार मुस्लिम सहेली को किडनी डोनेट करने पर अड़ी सिख महिला, अब खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

दोस्ती धर्म, जाती को नहीं देखती यह सभी सुनते आए हैं, ऐसे कई किस्से-कहानियां भी हम सुनते आएं हैं. ऐसी ही दोस्ती की एक नई मिसाल जम्मू-कश्मीर से हैं. जहां एक सिख महिला ने अपने परिवार के विरोध के बावजूद अपनी एक मुस्लिम दोस्त की जान बचाने के लिए उसे अपनी एक किडनी दान करने का फैसला किया है.

दोस्ती की मिसाल: परिवार के विरोध के बाद बीमार मुस्लिम सहेली को किडनी डोनेट करने पर अड़ी सिख महिला, अब खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit-Pixabay)

श्रीनगर: दोस्ती धर्म, जाती को नहीं देखती यह सभी सुनते आए हैं, ऐसे कई किस्से-कहानियां भी हम सुनते आएं हैं. ऐसी ही दोस्ती की एक नई मिसाल जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से हैं. जहां एक सिख महिला ने अपने परिवार के विरोध के बावजूद अपनी एक मुस्लिम दोस्त की जान बचाने के लिए उसे अपनी एक किडनी दान (kidney transplant) करने का फैसला किया है. प्रदेश के उधमपुर जिले की निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता मंजोत सिंह कोहली ने (Manjot Singh Kohli) अपनी 22 साल की सहेली समरीन (Samrin) को अपनी एक किडनी दान करने की इच्छा जाहिर की.

मंजोत के इस फैसले पर परिवार के लोग उनका विरोध कर रहे हैं. अपनी दोस्त की जान बचाने के लिए मंजोत ने परिवार का विरोध तो किया ही बल्कि इसके साथ सर्जरी के लिए हो रही देरी के बीच कोर्ट से इसके लिए अनुमति मांगी है.

मानवता पर बहुत दृढ़ विश्वास

बता दें कि मंजोत एक सामजिक कार्यकर्ता है और काफी लंबे समय से लोगों हर संभव मदद दे रही हैं. अपनी दोस्त समरीन के बारे में मंजोत का कहना है "हम चार साल से दोस्त हैं. 'भले ही मेरा परिवार मेरे फैसले का विरोध कर रहा है, लेकिन मैं अपने फैसले पर कायम हूं. मैं समरीन से भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई हूं और मेरा मानवता पर बहुत दृढ़ विश्वास है जो कि मुझे अपनी किडनी को डोनेट करने की प्रेरणा दे रहा है.'

मंजोत अद्भुत व्यक्तित्व की महिला

मंजोत ने अपनी इस इच्छा के बारे में जब अपनी दोस्त समरीन को बताया तो समरीन को विश्वास नहीं हुआ कि वाकई मंजोत उन्हें खुद की किडनी दे रही हैं. समरीन ने कहा, 'मंजोत अद्भुत व्यक्तित्व की महिला हैं और उन्होंने खुद मुझे फोन करके अपनी किडनी डोनेट करने की इच्छा जाहिर की. लेकिन एक बार के लिए मुझे इसपर विश्वास नहीं हुआ. लेकिन बाद में मंजोत ने मुझसे मिलकर खुद इसके लिए अपनी सहमति दी.'

एक तरफ जहां मंजोत अपने इस फैसले के लिए घर वालों का विरोध झेल रहीं हैं इसी के बीच समरीन और मंजोत दोनों ने ने शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (SKIMS) पर भी सवाल उठाएं हैं. दोनों का कहना है कि संबंधित अथॉरिटी ने किडनी डोनेट को लेकर अपनी हरी झंडी दे दी है, लेकिन फिर भी सर्जरी में देरी हो रही है. इस वजह से अब मंजोत ने अदालत से सर्जरी के लिए अनुमति देने का अनुरोध किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 01, 2018 10:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).