अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने एक और इतिहास रचा, EMISAT के साथ 28 उपग्रह लॉन्च
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने रविवार को कहा कि भारतीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (Polar Satellite Launch Vehicle) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस उपग्रह, एमिसैट का प्रक्षेपण सोमवार सुबह में किए जाने के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई...
चेन्नई: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) ने फिर एक बार इतिहास रचते हुए पीएसएलवी C45 को लॉन्च कर दिया है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज सुबह 9.27 पर भारतीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (Polar Satellite Launch Vehicle) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस उपग्रह, एमिसैट का प्रक्षेपण किया गया. एमिसैट का प्रक्षेपण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (Defense Research and Development Organisation) के लिए किया जा रहा है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अनुसार, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा रॉकेट पोर्ट पर सुबह 6.27 बजे उल्टी गिनती शुरू हुई.
एमिसैट के साथ रॉकेट तीसरे पक्ष के 28 उपग्रहों को ले जाएगा और अपने तीन अलग-अलग कक्षों में नई प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन भी करेगा. इसरो ने कहा कि रॉकेट पहले 436 किग्रा के एमिसैट को 749 किलोमीटर के कक्ष में स्थापित करेगा. इसके बाद यह 28 उपग्रहों को 504 किमी की ऊंचाई पर उनके कक्ष में स्थापित करेगा.
#WATCH Sriharikota: ISRO's #PSLVC45 lifts off from Satish Dhawan Space Centre, carrying EMISAT & 28 customer satellites on board. #AndhraPradesh pic.twitter.com/iQIcl7hBIH
— ANI (@ANI) April 1, 2019
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अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसके बाद रॉकेट को 485 किमी तक नीचे लाया जाएगा जब चौथा चरण/इंजन तीन प्रायोगिक भार ले जाने वाले पेलोड के प्लेटफॉर्म में बदल जाएगा. इस पूरे उड़ान क्रम में 180 मिनट लगेंगे. रॉकेट सोमवार को 9.27 मिनट पर उड़ान ने भरा. 28 अंतर्राष्ट्रीय ग्राहक उपग्रहों का वजन 220 किलोग्राम होगा. इसमें 24 अमेरिका, दो लिथुआनिया के व स्पेन व स्विट्जरलैंड के एक-एक उपग्रह शामिल हैं.
Sriharikota: ISRO's #PSLVC45 lifts off from Satish Dhawan Space Centre, carrying EMISAT & 28 customer satellites on board. #AndhraPradesh pic.twitter.com/AHlxb5YXnE
— ANI (@ANI) April 1, 2019
इसरो के अध्यक्ष के. सिवान ने आईएएनएस से पहले कहा था, "यह हमारे लिए विशेष मिशन है. हम चार स्ट्रैप ऑन मोटर्स के साथ एक पीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल करेंगे. इसके अलावा पहली बार हम तीन अलग-अलग ऊंचाई पर रॉकेट के जरिए ऑर्बिट में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. (आईएएनएस इनपुट )
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2019 09:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

