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Israel Hamas War: गाजा में युद्धविराम के लिए मतदान से भारत के दूर रहने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने जताई हैरानी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को गाजा में संघर्ष विराम के लिए मतदान से भारत के दूर रहने पर हैरानी व्यक्त की और केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह कोई भी रुख अपनाने से इनकार कर रही है और हर कानून को चुपचाप देख रही है.

Israel Hamas War: गाजा में युद्धविराम के लिए मतदान से भारत के दूर रहने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने जताई हैरानी
(Photo : X)

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने शनिवार को गाजा में संघर्ष विराम के लिए मतदान से भारत के दूर रहने पर हैरानी व्यक्त की और केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह कोई भी रुख अपनाने से इनकार कर रही है और हर कानून को चुपचाप देख रही है. फ़िलिस्तीन में मानवता को नष्ट किया जा रहा है, यह उन सभी चीज़ों के ख़िलाफ़ है जिनके लिए हमारा देश खड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारा देश अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर आधारित है और वे भारत के नैतिक साहस का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्य के रूप में इसके कार्यों का मार्गदर्शन किया.

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, प्रियंका गांधी ने कहा, ''आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है'', महात्मा गांधी. मैं स्तब्ध और शर्मिंदा हूं कि हमारे देश ने गाजा में युद्धविराम के लिए मतदान नहीं किया.'' भारत के सिद्धांतों की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि हमारा देश अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर स्थापित हुआ था, जिन सिद्धांतों के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन लगा दिया, ये सिद्धांत संविधान का आधार हैं, जो हमारी राष्ट्रीयता को परिभाषित करते हैं. कांग्रेस नेता ने कहा, “वे भारत के नैतिक साहस का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य के रूप में इसके कार्यों का मार्गदर्शन किया.” यह भी पढ़ें : Israel-Hamas Conflict:गाजा सीमा पर इजराइली सेना व फिलिस्तीनी आतंकवादियों के बीच गोलीबारी

प्रियंका गांधी ने कहा,“मानवता के हर कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लाखों लोगों के लिए भोजन, पानी, चिकित्सा आपूर्ति, संचार और बिजली काट दी गई है और फिलिस्तीन में हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को नष्ट किया जा रहा है, इसलिए स्टैंड लेने से इनकार करना और चुपचाप देखना अस्वीकार्य है.” उन सभी चीजों के खिलाफ, जिनके लिए हमारा देश एक राष्ट्र के रूप में जीवन भर खड़ा रहा है.'' उनकी टिप्पणी तब आई, जब भारत ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में जॉर्डन द्वारा प्रस्तुत एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया, जिसमें इज़राइल-हमास संघर्ष में तत्काल मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था, क्योंकि इसमें आतंकवादी समूह हमास का कोई उल्लेख नहीं किया गया था.

पहली बार, भारत ने फिलिस्तीन मुद्दे का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है. शुक्रवार को प्रस्ताव पर भारत का विरोध इसलिए था, क्योंकि इसमें हमास के आतंकवादी हमले की निंदा नहीं की गई थी. भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने मतदान के बाद कहा, "इजरायल में 7 अक्टूबर को हुए आतंकी हमले चौंकाने वाले थे और निंदनीय हैं." इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के सचिव वीरेंद्र वशिष्ठ ने शुक्रवार को एकजुटता दिखाते हुए भारत में फिलिस्तीन के राजदूत से मुलाकात की. उन्होंने कहा,“फिलिस्तीन के साथ हमारी नींव पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के युग से लेकर सभी प्रधानमंत्रियों तक रही और यही कारण था कि सरकार को पहले अपना बयान बदलना पड़ा और अहिंसा और शांति ही समाधान खोजने का एकमात्र तरीका है और हम आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति का भी पालन करते हैं.”

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 28, 2023 12:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).