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IRCTC ने गोल्डन चैरियट ट्रेन चलाने के लिए केएसटीडीसी से किया करार, दक्षिण भारत में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

आईआरसीटीसी को देशभर में कई पर्यटन रेल परियोजनाओं को संचालित करने की विशेषज्ञता और अनुभव है. यह बेहद लोकप्रिय महाराजा एक्‍सप्रेस लक्‍जरी रेलगाड़ी का भी संचालन करती है. इसका परिचालन 2010 में शुरु किया गया था.

IRCTC ने गोल्डन चैरियट ट्रेन चलाने के लिए केएसटीडीसी से किया करार, दक्षिण भारत में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
आईआरसीटीसी (Photo Credits: Wikipedia)

IRCTC  News: भरतीय रेल की पर्यटन इकाईभारतीय रेल खान-पान और पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने गोल्‍डन चैरियट ट्रेन के संचालन और प्रचार के लिए आज नयी दिल्‍ली में रेल राज्‍य मंत्री श्री सुरेश सी अंगड़ी और कर्नाटक के पर्यटन मंत्री श्री सी टी रवि की मौजूदगी में कर्नाटक राज्‍य पर्यटन निगम -केएसटीडीसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए. इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री विनोद कुमार यादव के अलावा बोर्ड के अन्‍य सदस्‍य तथा आईआरसीटीसी और केएसटीडीसी के अधिकारी भी मौजूद थे. केएसटीडीसी जल्‍दी ही रेलगाड़ी का परिचालन आईआरसीटीसी को सौंपने जा रहा है. आईआरसीटीसी केरल के पर्यटन स्‍थलों के अनुरूप गोल्‍डन चैरियट ट्रेन के परिचालन समय और ठहराव वाले स्‍थानों में बदलाव करने जा रहा है. ट्रेन की समय सारिणी में यह बदलाव राज्‍य के इतिहास, संस्‍कृति, वन्‍य जीव और प्राकृतिक आकर्षणों के अनुरूप होगा। इसमें बांदीपुर, मैसूर, हालीबीड, चिकमंगलूर, हाम्‍पी, बीजापुर और गोवा जैसे पर्यटन स्‍थलों को जोड़ने का प्रस्‍ताव भी है. आईआरसीटीसी रेलगाड़ी की आंतरिक साज-सज्‍जा में बदलाव करने के बाद मार्च 2020 से इसका परिचालन शुरु कर देगा.

इस अवसर पर बोलते हुए, रेल राज्य मंत्री ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के माननीय प्रधान मंत्री, श्री नरेन्‍द्र मोदी के दृष्टिकोण और देश में कम से कम पांच पर्यटन स्‍थलों को देखने जाने के देशवासियों के लिए उनके स्पष्ट आह्वान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री अंगड़ी ने आईआरसीटीसी और केएसडीटीसी को टिकटों की कीमतें प्रतिस्पर्धी रखने का निर्देश दिया ताकि आम लोग भी इस ट्रेन की सुविधा का लाभ उठा सकें.

श्री अंगड़ी ने कहा कि यह ट्रेन दक्षिण भारत में पर्यटन को बढ़ावा देगी. मंत्री ने इस परियोजना की सफलता की कामना की. इस अवसर पर कर्नाटक के पर्यटन मंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार और केएसटीडीसी 2008 से ही गोल्‍डन चैरियट ट्रेन का संचालन और रखरखाव देख रही है. यह पूरे दक्षिण भारत की पहली और एकमात्र लक्‍जरी रेलगाड़ी है. उन्‍होंने कहा कि यह रेलगाड़ी इस क्षेत्र की समृद्ध संस्‍कृति और धरोहरों का दर्शन कराती है. केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि आईआरसीटीसी और केएसटीडीसी के बीच आज हुआ समझौता दोनों के लिए लाभदायी होगा और इस साझेदारी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री विनोद कुमार यादव ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि आईआरसीटीसी और केएसटीडीडी दोनों घरेलू और अंतरराष्‍ट्रीय पर्यटकों के लिए गोल्‍डन चैरियट ट्रेन का सफल संचालन और प्रचार करेंगे. उन्‍होंने इस परियोजना के लिए हर संभव जरूरी मदद और सहयोग का आश्‍वासन दिया.

गोल्‍डन चैरियट रेलगाड़ी का परिचालन 2008 में शुरु हुआ था. यह कर्नाटक सरकार और भारतीय रेल का संयुक्‍त उपक्रम है. अठारह डिब्‍बों वाली इस रेलगाड़ी में यात्रियों के लिए 44 कमरे हैं जिसमें एक बार में 84 यात्री सफर कर सकते हैं. यह रेलगाड़ी कर्नाटक तथा दक्षिण भारत के अन्‍य राज्‍यों के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थलों की यात्रा कराती है.

आईआरसीटीसी को देशभर में कई पर्यटन रेल परियोजनाओं को संचालित करने की विशेषज्ञता और अनुभव है. यह बेहद लोकप्रिय महाराजा एक्‍सप्रेस लक्‍जरी रेलगाड़ी का भी संचालन करती है. इसका परिचालन 2010 में शुरु किया गया था.

साभार: PIB

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 20, 2019 12:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).