UPI ट्रांजैक्शन चार्ज: जानें किन भुगतानों पर लगेगा शुल्क और क्या रहेगा पूरी तरह मुफ्त

विवरण यह लेख यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले संभावित शुल्कों, उनके प्रकार, किसे यह शुल्क देना होगा और कौन से लेनदेन मुफ्त रहेंगे, इस पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।

UPI Representative Image (File Photo)

UPI Transaction Charges: भारत में डिजिटल भुगतान के सबसे लोकप्रिय माध्यम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर लेनदेन शुल्क को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक खाते से सीधे होने वाले सामान्य यूपीआई लेनदेन पूरी तरह मुफ्त हैं. केवल 2,000 रुपये से अधिक के प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) आधारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही इंटरचेंज शुल्क लागू होता है.

क्या है इंटरचेंज शुल्क का नियम?

NPCI के नियमों के तहत 2,000 रुपये से अधिक के PPI-आधारित यूपीआई लेनदेन पर 1.1% तक का इंटरचेंज शुल्क लागू किया जाता है. PPI में डिजिटल वॉलेट या क्रेडिट कार्ड जैसे माध्यम शामिल हैं.  यह भी पढ़े:   UPI Payment Update: यूपीआई यूजर्स को बड़ी राहत, ₹2,000 तक के लेन-देन और RuPay कार्ड पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह शुल्क आम ग्राहकों से सीधे नहीं लिया जाता है. यह प्रभार केवल उन व्यापारियों (Merchants) पर लागू होता है जो वॉलेट के माध्यम से भुगतान स्वीकार करते हैं. यह शुल्क पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) और बैंकों के बीच लेनदेन की लागत को प्रबंधित करने के लिए लगाया जाता है.

कौन से लेनदेन रहेंगे पूरी तरह मुफ्त?

आम उपयोगकर्ताओं के लिए यूपीआई का उपयोग पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क है. निम्नलिखित लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता:

पृष्ठभूमि और बदलाव का उद्देश्य

भारत में डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए NPCI ने यह व्यवस्था लागू की है. PPI जारीकर्ता बैंकों और वॉलेट प्रदाताओं के लिए एक टिकाऊ राजस्व मॉडल तैयार करना इसका मुख्य उद्देश्य है, ताकि वे अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे और सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बना सकें.

निष्कर्ष रूप में, आम जनता द्वारा अपने बैंक खातों को लिंक करके किए जाने वाले दैनिक यूपीआई भुगतान पर इस नियम का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है.

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