Thane Metro Update: ठाणेवासियों के लिए खुशखबरी! गायमुख-कापूरबावड़ी मेट्रो रूट का ट्रायल रन पूरा, दिसंबर तक शुरू हो सकती हैं सेवाएं
ठाणे मेट्रो की गायमुख से कापूरबावडी मार्गिका का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिससे दिसंबर 2026 तक सेवाएं शुरू होने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर, ठाणे की इंटरनल रिंग मेट्रो के नए रूट के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया है.
Thane Metro Update: ठाणे शहर में ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. ठाणे मेट्रो की गायमुख से कापूरबावडी मार्गिका का ट्रायल रन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि इस रूट पर दिसंबर 2026 तक यात्री सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
हालांकि, एक तरफ जहां गायमुख-कापूरबावडी रूट पर प्रगति देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर की प्रस्तावित 'इंटरनल रिंग मेट्रो' (Internal Ring Metro) परियोजना के बदले हुए रूट को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध भी तेज हो गया है. यह भी पढ़े: Pune Metro: गणेशोत्सव के पहले दिन पुणे मेट्रो की सवारी में 21.4% का उछाल, 2.62 लाख यात्रियों ने किया सफर
ठाणेवासियों के लिए खुशखबरी
इन इलाकों के निवासियों को मिलेगा सीधा लाभ
मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, गायमुख-कापूरबावडी कॉरिडोर चालू होने से शहर के कई प्रमुख और तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा.
इस मेट्रो सेवा से मुख्य रूप से गायमुख, कासारवडवली, वाघबील, मानपाडा, टिकुजी नी वाडी, डोंगरीपाडा, विजय गार्डन और कापूरबावडी के निवासियों का सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा. बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के उद्देश्य से इस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से पूरा किया जा रहा है.
इंटरनल रिंग मेट्रो के संशोधित रूट का विरोध
गायमुख-कापूरबावडी रूट की सफलता के बीच, ठाणे में प्रस्तावित 'इंटरनल रिंग मेट्रो' परियोजना के नए अलाइनमेंट (मार्ग) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने नए प्रस्तावित रूट के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से मूल (ओरिजिनल) रूट बहाल करने की मांग की है.
प्रदर्शन की शुरुआत स्वातंत्र्यवीर सावरकर नगर से हुई, जहां नागरिकों ने पहले एक जनसभा की और हस्ताक्षर अभियान चलाया. इसके बाद आई माताजी चौक से लेकर लोकमान्य नगर टीएमटी (TMT) डिपो तक एक लंबी मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया.
नागरिकों की मुख्य चिंताएं और मांगें
प्रदर्शनकारियों ने लोकमान्य टीएमटी डिपो, आई माता मंदिर, कोरस रोड, वर्तक नगर नाका और शास्त्री नगर से होकर गुजरने वाले नए मार्ग का कड़ा विरोध किया है. आंदोलनकारियों के अनुसार, इस नए मार्ग के कारण:
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बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होगी, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा.
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हजारों स्थानीय निवासियों और परिवारों के विस्थापित होने का खतरा बन गया है.
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इलाके में सड़कों की चौड़ाई और यातायात प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक प्रशासन पर्यावरण और जनहित को ध्यान में रखते हुए मूल मार्ग को आधिकारिक तौर पर बहाल नहीं करता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा.