PM Kisan योजना 23वीं किस्त अपडेट: इन 3 जरूरी कामों को तुरंत करें पूरा, नहीं तो रुक सकती है अगली किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए जरूरी अपडेट आया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ अनिवार्य प्रक्रियाओं को पूरा न करने पर लाभार्थियों की किस्त रुक सकती है. जानिए किन गलतियों के कारण आपका पैसा अटक सकता है.
PM Kisan Yojana 23rd Installment Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के तहत अगली किस्त का इंतजार कर रहे देशभर के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट आया है. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने अपने खाते से जुड़े अनिवार्य तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को पूरा नहीं किया है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है. इस योजना का लाभ बिना किसी बाधा के पाते रहने के लिए करदाताओं और किसानों को तय समय-सीमा के भीतर अपने दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया दुरुस्त करने की सलाह दी गई है.
पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. सरकार ने अब इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कुछ नियमों को कड़ा कर दिया है.
किन गलतियों के कारण रुक सकती है किस्त?
कृषि मंत्रालय के आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, मुख्य रूप से तीन ऐसे काम हैं जिन्हें पूरा न करने पर लाभार्थियों का पैसा अटक सकता है.
1. ई-केवाईसी (eKYC) का अधूरा होना: सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है. जिन किसानों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं किया है, उन्हें अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी. इसे पीएम किसान पोर्टल पर जाकर ओटीपी (OTP) के जरिए या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक माध्यम से पूरा किया जा सकता है.
2. बैंक खाते का आधार से लिंक और डीबीटी (DBT) एक्टिव न होना: पीएम किसान योजना का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजा जाता है. इसके लिए आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है. साथ ही, बैंक खाते में डीबीटी का विकल्प चालू (Active) होना चाहिए, ताकि सरकारी सहायता सीधे खाते में पहुंच सके.
3. भूमि का सत्यापन (Land Seeding): कई किसानों की किस्त इसलिए भी रुक जाती है क्योंकि उनके सरकारी रिकॉर्ड में भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है. स्थानीय राजस्व अधिकारियों (पटवारी या तहसीलदार) के माध्यम से अपने कृषि योग्य भूमि के दस्तावेजों का सत्यापन कराना जरूरी है.
आवेदन फॉर्म में सुधार भी है जरूरी
इन तीन मुख्य कार्यों के अलावा, यदि किसी किसान ने आवेदन करते समय अपने नाम की स्पेलिंग, बैंक अकाउंट नंबर या आईएफएससी (IFSC) कोड में कोई गलती की है, तो भी उनकी राशि रोकी जा सकती है.
ऐसी स्थिति में किसान पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Farmers Corner' के तहत अपने विवरण में सुधार कर सकते हैं. योजना से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए सरकार ने आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां से किसान सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदम
कृषि मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इन कड़े नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद किसानों को ही मिले. पिछले कुछ समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अपात्र लोग भी इस योजना का लाभ उठा रहे थे. स्क्रूटनी की इस नई व्यवस्था से फर्जी लाभार्थियों को सूची से बाहर निकाला जा रहा है.
जो किसान इस योजना के सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द पोर्टल पर जाकर अपनी लाभार्थी स्थिति (Beneficiary Status) की जांच कर लें ताकि समय रहते कमियों को सुधारा जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2026 03:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

