Mumbai Water Tanker Strike: मुंबई में वॉटर टैंकरों की हड़ताल से मचा हाहाकार, सोसायटियों में पानी की किल्लत, रेलवे स्टेशनों पर भी दिखा असर!
मुंबई में वॉटर टैंकर एसोसिएशन की बेमियादी हड़ताल के पहले ही दिन शहर के कई हिस्सों में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग अनिवार्यताओं से जुड़े विवाद के कारण रविवार आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल ने महानगर की जलापूर्ति व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है.
Mumbai Water Tanker Strike: मुंबई में वॉटर टैंकर एसोसिएशन की बेमियादी हड़ताल के पहले ही दिन शहर के कई हिस्सों में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग अनिवार्यताओं से जुड़े विवाद के कारण रविवार आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल ने महानगर की जलापूर्ति व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. कई प्रबुद्ध और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है, जबकि मध्य और पश्चिम रेलवे के प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों की सफाई और रखरखाव का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
लाइसेंस विवाद के कारण आधी रात से चक्का जाम
मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन ने सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए पंजीकरण और प्रशासनिक नियमों के विरोध में इस अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है. यह संकट ऐसे समय में आया है जब मुंबई पहले से ही पानी की सीमित आपूर्ति से जूझ रही है. टैंकर सेवाएं बंद होने से आने वाले दिनों में न केवल आवासीय परिसर, बल्कि बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाएं भी पूरी तरह ठप होने की कशमकश में हैं. यह भी पढ़े: Mumbai Water Tanker Strike: मुंबई में 10% पानी कटौती के बीच लोगों की और बढ़ सकती है मुश्किलें, कल से निजी वॉटर टैंकरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल; जानें उनकी मांगें
रिहायशी इलाकों का बुरा हाल
सोमवार सुबह से ही कफ परेड और लोखंडवाला जैसे पॉश इलाकों से लेकर कुर्ला-साकीनाका, मलाड और मालवणी जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में टैंकरों की आपूर्ति ठप रही. अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला स्थित 'एवरशाइन कॉस्मिक हाउसिंग सोसायटी' के सचिव मधु वन्नियर ने बताया कि उनकी सोसायटी में 204 फ्लैट हैं, जहां लगभग 1,200 लोग रहते हैं. रोजाना 40,000 लीटर पानी की जरूरत के मुकाबले सोमवार को उन्हें बड़ी मुश्किल से सिर्फ 10,000 लीटर का एक टैंकर मिला. इसके लिए उन्हें 5,500 रुपये चुकाने पड़े, जबकि सामान्य दिनों में 4,000 रुपये में 20,000 लीटर का टैंकर मिल जाता था.
दक्षिण मुंबई में भी हालात चिंताजनक हैं. कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन (CPRA) की अध्यक्ष डॉ. लॉरा डिसूजा के अनुसार, अकेले 'जॉली मेकर्स' सोसायटी को रोजाना 22 टैंकरों की आवश्यकता होती है. जो टैंकर पहले 1,000 से 1,200 रुपये में मिलते थे, उनकी कीमत अब ब्लैक मार्केट में 6,000 रुपये तक पहुंच गई है. इसके बावजूद सोसायटियों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है.
रेलवे स्टेशनों पर पानी का संकट
टैंकरों की हड़ताल ने रेलवे परिचालन की निजी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता को उजागर कर दिया है. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) को ट्रेनों में पानी भरने, स्टेशन की सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए रोजाना करीब 13 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन आने वाले 144 टैंकरों के मुकाबले सोमवार दोपहर तक केवल 50 टैंकर ही स्टेशन पहुंच सके थे.
वैकल्पिक व्यवस्था: ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था को अस्थायी रूप से इगतपुरी, पनवेल और भुसावल स्टेशनों पर स्थानांतरित किया गया है. इसके अलावा, पश्चिम रेलवे को मुंबई सेंट्रल, दादर और बांद्रा टर्मिनस जैसे प्रमुख टर्मिनलों पर करीब 20% पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण कोचों की धुलाई का काम फिलहाल रोक दिया गया है. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सूरत और वलसाड स्टेशनों की मदद ली जा रही है.
निर्माण कार्य और आगामी दिनों का संकट
बिल्डर्स एसोसिएशन के ट्रस्टी राम भाटिया ने बताया कि अधिकांश निर्माण स्थलों (Construction Sites) पर एक से दो दिनों का पानी का बैकअप रिजर्व रहता है. इस वजह से हड़ताल का तात्कालिक प्रभाव अभी कम दिख रहा है, लेकिन यदि यह गतिरोध दो-तीन दिन और खिंचा, तो बेसमेंट स्तर का स्टोरेज खत्म होने के बाद रियल एस्टेट परियोजनाओं का काम पूरी तरह रुक जाएगा.
सुरक्षा और प्रशासनिक अपडेट: रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके पास केवल अगले दो दिनों का रिजर्व स्टॉक बचा है. यदि टैंकर एसोसिएशन और सरकार के बीच चल रहा लाइसेंस विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में और अधिक व्यवधान आ सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2026 02:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

