मुंबई झीलों का जलस्तर आज: बारिश के बीच बीते 24 घंटे में जलाशयों में कितना बढ़ा पानी, जानें ताजा अपडेट
मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. मंगलवार को बारिश थमने से जलाशयों का पानी घटकर 88.17 प्रतिशत हो गया है, जिसकी जानकारी बीएमसी (BMC) ने सोशल मीडिया पर शेयर की है.
मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मुंबई शहर और इसके उपनगरों को पेयजल आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों के कुल जल भंडार में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. कैचमेंट क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार थमने के कारण जलाशयों का जलस्तर घटकर 88.17 प्रतिशत पर आ गया है.
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर सुबह 9 बजे के बाद पोस्ट शेयर कर यह नया जलस्तर अपडेट जारी किया है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: पानी संकट से राहत के संकेत, बारिश के चलते बांधों का जलस्तर बढ़कर 86.18% तक पहुंचा
BMC का पोस्ट
BMC का मंगलवार का पोस्ट
बारिश थमने से जलस्तर में आई हल्की कमी
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जलग्रहण इलाकों में बारिश नहीं होने के कारण झीलों में नए पानी की आवक सुस्त पड़ गई. इसके साथ ही शहर में रोजाना होने वाली जलापूर्ति के कारण कुल जल भंडार में थोड़ी कमी देखी गई.
जलाशयों में जहां पहले जलस्तर 88.81 प्रतिशत तक पहुंच गया था, वहीं बीते 24 घंटों में बारिश न होने की वजह से यह घटकर 88.17 प्रतिशत दर्ज किया गया.
बीएमसी (BMC) ने एक्स पर जारी किया ताजा आंकड़ा
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का जायजा लेने के बाद सुबह 9 बजे के बाद एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर यह डेटा अपडेट किया गया.
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मानसून की बारिश का सिलसिला रुकने से जलस्तर में यह मामूली अंतर आया है. हालांकि, कुल पानी का संचयन अभी भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है.
जलाशयों की वर्तमान स्थिति और मौसम का पूर्वानुमान
मुंबई को मुख्य रूप से सात जलाशयों—भातसा, ऊपरी वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी से पानी की आपूर्ति की जाती है. इनमें से कई झीलें जुलाई के दौरान हुई भारी बारिश के बाद अपनी पूर्ण क्षमता के करीब पहुंच चुकी थीं.
जल संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि जलस्तर में 88.17 फीसदी का आंकड़ा मुंबईकरों के लिए फिलहाल चिंताजनक नहीं है. यदि अगस्त की शुरुआत में कैचमेंट इलाकों में दोबारा मानसून सक्रिय होता है, तो जलाशयों का जल स्तर जल्द ही 100 प्रतिशत के करीब पहुंच सकता है.