Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के पुंछ में एसआईए का छापा, नार्को टेररिज्म से जुड़ा मामला
जम्मू कश्मीर में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने पुंछ में कई जगहों पर छापेमारी की है. मामला नार्को टेररिज्म से जुड़ा बताया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से आतंक विरोधी गतिविधियों पर पुलिस बल नजर बनाए हुए है. दरअसल, पिछले कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान नार्को टेररिज्म का सहारा ले रहा है.
जम्मू, 23 मई : जम्मू कश्मीर में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने पुंछ में कई जगहों पर छापेमारी की है. मामला नार्को टेररिज्म से जुड़ा बताया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से आतंक विरोधी गतिविधियों पर पुलिस बल नजर बनाए हुए है. दरअसल, पिछले कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान नार्को टेररिज्म का सहारा ले रहा है. इसके तहत आतंकियों के साथ जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों को भेज कर उससे अर्जित राशि का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है.
राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कई जगहों पर छापेमारी की. आतंकियों से कथित तौर पर जुड़े एक घर पर छापेमारी की जा रही है. 17 मई को राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने मध्य और उत्तरी कश्मीर में करीब 11 जगहों पर व्यापक छापे मारे थे. इससे पहले 11 मई को एसआईए ने अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां समेत 20 स्थानों पर छापे मारे थे. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर: पुंछ जाएंगे राहुल गांधी, पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल परिवारों से करेंगे मुलाकात
स्लीपर सेल मॉड्यूल की चल रही जांच के तहत दक्षिण कश्मीर में ये छापेमारी की गई थी. ये सेल व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भारतीय सुरक्षा बलों और प्रमुख प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील और रणनीतिक सूचनाएं प्रसारित करते पाए गए. इसे लेकर एक बयान भी एसआईए की ओर से जारी किया गया था. जिसमें बताया गया कि ये छापेमारी विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों की जांच के लिए की गई.
अधिकारियों ने बताया था कि छापेमारी के दौरान काफी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई और संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. प्रारंभिक जांच से पता चला कि ये आतंकी सहयोगी आतंकवादी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे, भारत विरोधी आख्यानों का प्रचार और प्रसार कर रहे थे, जिसका उद्देश्य न केवल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देना है, बल्कि असंतोष, सार्वजनिक अव्यवस्था और सांप्रदायिक घृणा को भड़काना भी था.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2025 11:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

