VIDEO: लखनऊ के PGI हॉस्पिटल में अब जन्मजात हृदय रोग का भी होगा इलाज; जानें मरीज पहली बार कैसे लगाएं नंबर, स्टेप-बाय-स्टेप समझें पूरी प्रक्रिया

लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) यानी पीजीआई देश भर में अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए जाना जाता है. यहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं.

Photo- @KanpuriyaFeed/X

How to Register in Lucknow SGPGI: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के सलोनी हार्ट सेंटर में एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू परियोजना (ICU Project) शुरू की जा रही है. इस परियोजना का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) से पीड़ित बच्चों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराना है. वैसे तो पीजीआई देश भर में अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए जाना जाता है. यहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं. लेकिन अक्सर पहली बार आने वाले लोगों को यह समझ नहीं आता कि रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं और डॉक्टर से मिलने के लिए नंबर कैसे लगाएं.

अगर आप भी पहली बार लखनऊ पीजीआई (Lucknow PGI) में इलाज कराने जा रहे हैं, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है.

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SGPGI में बच्चों के लिए ICU प्रोजेक्ट का ऐलान?

पीजीआई अस्पताल में पहली बार मरीज का नंबर कैसे पता करें?

 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) का तरीका

पहली बार पीजीआई आने वाले मरीजों के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट (Online Appointment) सबसे सुविधाजनक विकल्प है. इसके लिए आपको एसजीपीजीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://sgpgims.org.in पर जाना होगा. वहां आपको "ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन (Online OPD Registration)" का विकल्प चुनकर अपनी जानकारी भरनी होगी. इसमें मरीज का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की जानकारी दर्ज करनी होगी.

इसके बाद, जिस विभाग में आप जाना चाहते हैं, उसके डॉक्टर को चुनें और उपलब्ध तिथि पर क्लिक करके अपॉइंटमेंट बुक करें. आपको एक पुष्टिकरण संदेश मिलेगा, जिसे अस्पताल जाते समय दिखाना होगा.

अस्पताल जाकर पंजीकरण (Offline Registration) का तरीका

अगर आप ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं, तो सीधे अस्पताल जाकर भी पंजीकरण करा सकते हैं. इसके लिए आपको ओपीडी ब्लॉक के पास स्थित पंजीकरण काउंटर पर जाना होगा. वहां पहचान पत्र (जैसे Aadhar Card या Voter ID) और जरूरी जानकारी देकर पर्ची बनाई जाती है.

पहली बार आने वाले मरीज को एक विशिष्ट अस्पताल संख्या (UHID) मिलती है. भविष्य में हर इलाज और जांच में इसी नंबर का इस्तेमाल होता है.

किन डॉक्यूमेंट्स्  की होगी जरूरत?

आपातकालीन स्थिति में क्या करें?

अगर मरीज की हालत गंभीर है, तो उसे सीधे अस्पताल के आपातकालीन वार्ड (Emergency Ward) में ले जाएं. वहां बिना किसी औपचारिकता के तुरंत इलाज शुरू हो जाता है. बाद में पंजीकरण और बाकी प्रक्रिया पूरी की जाती है.

ध्यान रखने योग्य बातें

पीजीआई में बहुत भीड़ होती है, इसलिए सुबह जल्दी पहुंचने की कोशिश करें. अगर आप ऑनलाइन पंजीकरण कराते हैं, तो आपको ज्यादा देर तक लाइन में नहीं लगना पड़ेगा. साथ ही, पहली बार मिलने वाला यूएचआईडी नंबर भविष्य में हर बार इस्तेमाल किया जाएगा, इसलिए इसे संभाल कर रखना बेहद जरूरी है.

लखनऊ पीजीआई में इलाज कराने की प्रक्रिया नए मरीजों को जटिल लग सकती है, लेकिन एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद, सब कुछ आसान हो जाता है. सही जानकारी के साथ, आप आसानी से डॉक्टर से मिल सकते हैं और बेहतर इलाज पा सकते हैं.

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