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EPFO 3.0: क्या नए नियमों के तहत अब भी निकाल सकते हैं 100% पीएफ बैलेंस? जानिए क्या कहती है गाइडलाइन

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म 'EPFO 3.0' के लागू होने के बाद पीएफ निकासी के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं. जानिए क्या नए नियमों के तहत अब भी 100 फीसदी फंड निकाला जा सकता है या नहीं.

EPFO 3.0: क्या नए नियमों के तहत अब भी निकाल सकते हैं 100% पीएफ बैलेंस? जानिए क्या कहती है गाइडलाइन
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Photo Credits: File Image)

EPFO 3.0: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने तकनीकी और डिजिटल ढांचे को पूरी तरह बदलने के लिए 'EPFO 3.0' प्लेटफॉर्म को पेश किया है. इस नए सिस्टम के आने के बाद पीएफ (PF) अंशधारकों के बीच इस बात को लेकर काफी भ्रम है कि क्या वे अब भी जरूरत पड़ने पर अपने खाते से 100 फीसदी फंड निकाल सकते हैं. नए नियमों के तहत ईपीएफओ ने आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के लिए यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) जैसी त्वरित सुविधाएं शुरू की हैं, लेकिन इसके साथ ही एक 'लॉक-इन' नियम भी जोड़ दिया है. हालांकि, विशेष परिस्थितियों में पूरी रकम निकालने का विकल्प अब भी खुला हुआ है.

आंशिक निकासी के लिए '25% लॉक-इन' का नया नियम

EPFO 3.0 के तहत नौकरी में रहते हुए एडवांस या आंशिक निकासी के नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है. अब कोई भी खाताधारक अपनी कुल जमा राशि (कर्मचारी का हिस्सा + नियोक्ता का हिस्सा + ब्याज) का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा ही एडवांस के रूप में निकाल सकता है.

शेष 25 प्रतिशत हिस्से को 'रिंग-फेंस' (Ring-fenced) यानी लॉक कर दिया गया है. यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति (Retirement) के लिए एक बुनियादी बचत कोष हमेशा सुरक्षित रहे और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे. इस 75 फीसदी हिस्से को उपयोगकर्ता यूपीआई या ईपीएफ-लिंक्ड एटीएम कार्ड के जरिए बेहद कम समय में निकाल सकेंगे.

किन परिस्थितियों में निकाला जा सकता है 100% फंड?

ईपीएफओ के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, खाताधारक अभी भी कुछ खास और अंतिम परिस्थितियों में अपने पीएफ खाते का पूरा 100 फीसदी पैसा निकाल सकते हैं. इसके लिए निम्नलिखित शर्तें तय की गई हैं:

  • सेवानिवृत्ति (Retirement): यदि कर्मचारी की उम्र 58 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, तो वह पूरे सेटलमेंट के तहत 100% फंड निकाल सकता है.

  • पूर्ण बेरोजगारी: यदि किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो वह 1 महीने की बेरोजगारी के बाद 75% फंड निकाल सकता है. यदि वह लगातार 2 महीने तक बेरोजगार रहता है, तो वह शेष 25% हिस्सा भी निकालकर खाता पूरी तरह बंद कर सकता है.

  • स्थायी रूप से विदेश प्रवास: यदि कोई सदस्य भारत छोड़कर हमेशा के लिए किसी दूसरे देश में बस रहा है या विदेश में रोजगार प्राप्त कर चुका है, तो वह अपना खाता बंद कर पूरी राशि निकाल सकता है.

  • स्थायी विकलांगता: सेवा के दौरान किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण पूरी तरह से अक्षम होने की स्थिति में 100% कॉर्पस की निकासी तुरंत संभव है.

'स्पेशल एडवांस' में बिना कारण बताए निकासी की छूट

पुराने नियमों के तहत यदि कोई कर्मचारी प्राकृतिक आपदा, महामारी या कंपनी लॉक-आउट जैसी 'विशेष परिस्थितियों' में पैसा निकालना चाहता था, तो उसे कंपनी का सर्टिफिकेट या सबूत देना होता था. कई बार दस्तावेज सही न होने पर क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे.

EPFO 3.0 में इसे बेहद आसान बना दिया गया है. अब 'विशेष परिस्थितियों' की श्रेणी के तहत बिना कोई कारण बताए या बिना किसी दस्तावेजी सबूत के भी कर्मचारी आपातकालीन स्थिति में अपने हिस्से का फंड निकाल सकेंगे.

ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़कर हुई 5 लाख रुपये

नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि क्लेम प्रोसेसिंग का समय 15 से 20 दिनों से घटकर महज कुछ घंटे या मिनट रह गया है. ईपीएफओ ने ऑटो-क्लेम सेटलमेंट (Auto Claim Settlement) की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है. इसका मतलब है कि 5 लाख रुपये तक के पात्र क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के, आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) और सेल्फ-सर्टिफिकेशन के जरिए सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. इसके लिए अब नियोक्ता (Employer) के अप्रूवल की भी जरूरत नहीं होगी.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2026 01:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).