Namaste Diwas 2026: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय 14 जुलाई को तीसरा नमस्ते दिवस मनाएगा . यह अवसर राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम (नमस्ते) योजना के तीन वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी . इस वर्ष मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में आयोजित किया जाएगा, जबकि देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित होंगे .
मुख्य कार्यक्रम के साथ दिव्य कला मेले का भी आयोजन किया जाएगा . इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और राज्य मंत्री रामदास अठावले के शामिल होने की संभावना है . इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे .
नमस्ते दिवस के अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकायों द्वारा स्वच्छता कर्मियों के कल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे . इनमें व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर, सरकारी योजनाओं और लाभों की जानकारी, मशीनीकृत सफाई उपकरणों और सुरक्षा किट का प्रदर्शन तथा स्वच्छता कर्मियों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं .
यह दिवस उन स्वच्छता कर्मियों को समर्पित है, जो सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई, कचरा बीनने और अन्य स्वच्छता कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं . सरकार का उद्देश्य मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण मैनुअल सफाई को पूरी तरह समाप्त करना, कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना, उन्हें कौशल विकास से जोड़ना और सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है .
मंत्रालय के अनुसार, नमस्ते दिवस स्वच्छता कर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ उनके अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का भी अवसर है . यह आयोजन देशभर में सुरक्षित, समावेशी और गरिमापूर्ण स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है .
गौरतलब है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम (नमस्ते) योजना की शुरुआत की थी . इस योजना का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मौतों को शून्य तक लाना, मानव मल के साथ सीधे संपर्क को समाप्त करना, सभी सफाई कार्यों का मशीनीकरण सुनिश्चित करना, प्रशिक्षित कर्मियों की भागीदारी बढ़ाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ईआरएसयू) को सशक्त बनाना तथा स्वयं सहायता समूहों और उद्यमिता के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है .












QuickLY