Rewa Lift Collapse: मध्य प्रदेश के रीवा में अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से मरीज की मौत, हादसे का VIDEO आया सामने
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित एक निजी अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से 50 वर्षीय मरीज सुरेश सेन की मौत हो गई. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. पढ़ें पूरा मामला.
Rewa Lift Collapse Video: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार, 29 अगस्त की रात एक भीषण हादसा सामने आया है. यहां इलाज के लिए भर्ती 50 वर्षीय मरीज सुरेश सेन की अस्पताल की लिफ्ट में गर्दन फंसने से दर्दनाक मौत हो गई. घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें मरीज लिफ्ट में फंसा दिख रहा है और परिजन बिलखते हुए मदद की गुहार लगा रहे हैं. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया.
कैसे हुआ यह हादसा?
मैहर जिले के अमरपाटन (लालपुर गांव) के रहने वाले सुरेश सेन कुछ दिन पहले पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे. उनके कंधे में फ्रैक्चर हुआ था, जिसके इलाज के लिए शनिवार शाम उन्हें रीवा के समन क्षेत्र स्थित नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.
लिफ्ट में फंसने से मरीज की मौत
परिजनों के अनुसार, अस्पताल का एक कर्मचारी सुरेश को स्ट्रेचर पर लिटाकर लिफ्ट के जरिए पहली मंजिल पर ले जा रहा था. कर्मचारी ने परिजनों को लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से जाने को कहा. जब परिजन ऊपर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मरीज लिफ्ट के मैकेनिज्म में अटका हुआ था और उसकी गर्दन लिफ्ट के बीच फंस गई थी. परिजनों का आरोप है कि कर्मचारी मौके से गायब था और काफी देर तक कोई तकनीकी सहायता नहीं मिली.
लिफ्ट की खराबी और परिजनों के आरोप
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन के दावों पर सवाल उठ रहे हैं. वीडियो में परिजनों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे 10 से 15 मिनट तक मदद का इंतजार करते रहे.
मृतक के परिवार का यह भी आरोप है कि सुरेश की घटना से करीब 20 मिनट पहले भी एक लड़की उसी लिफ्ट में फंस गई थी. इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने लिफ्ट को बंद नहीं किया और न ही सुरक्षा के उचित इंतजाम किए.
पुलिस का बयान और परिजनों का लाठीचार्ज का आरोप
मामले में सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि लिफ्ट में खराबी आने और गर्दन फंसने के कारण मरीज की मौत होने की प्राथमिक सूचना मिली है. शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है.
दूसरी ओर, घटना के विरोध में रविवार को अस्पताल के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. परिजनों ने पुलिस पर बदसलूकी और प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट (लाठीचार्ज) करने का गंभीर आरोप लगाया. मृतक के रिश्तेदार सोनू सेन ने कहा कि न्याय मांगने पर पुलिस ने उनके साथ मारपीट की. हालांकि, पुलिस ने मारपीट के इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है.
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुआवजे की बात
इस घटना पर राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले की इस घटना पर सरकार को घेरा और इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी करार दिया.
उधर, घंटों चले हंगामे, पुलिस-प्रशासन और परिजनों के बीच हुई बातचीत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में 15 लाख रुपये और अंतिम संस्कार के लिए 1 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.