8th Pay Commission Fitment Factor: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की कितनी बढ़ेगी सैलरी? जानें पूरी जानकारी
8वें वेतन आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों के दौरों और कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकों का दौर जारी है. इस बीच फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
8th Pay Commission Fitment Factor: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी अंतिम सिफारिशों को तैयार करने से पहले विभिन्न राज्यों के दौरे और कर्मचारी यूनियनों के साथ परामर्श बैठकें तेज कर दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित यह आयोग देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और रक्षा कर्मियों सहित 65 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी की रूपरेखा तय कर रहा है. आयोग की अंतिम सिफारिशें मध्य-2027 तक आने की उम्मीद है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
क्या है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (मल्टीप्लायर) है जिसका उपयोग पुरानी बेसिक सैलरी को संशोधित नई बेसिक सैलरी में बदलने के लिए किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में उतनी ही बड़ी बढ़ोतरी होगी. यह फैक्टर न केवल मूल वेतन को प्रभावित करता है, बल्कि इसके आधार पर ग्रेच्युटी, भविष्य निधि (PF) योगदान और अन्य भत्तों की गणना भी बदल जाती है. उदाहरण के लिए, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.60 से 2.85 के बीच तय होता है, तो वेतन में 24 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. इसके तहत वर्तमान में 20,000 से 22,000 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 46,600 से 57,000 रुपये हो जाएगी. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सुझाव दर्ज करने की तारीख 15 जून तक बढ़ी, जानें कर्मचारियों को कब तक मिलेगा संशोधित वेतन और एरियर
कर्मचारी संगठनों की 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग
नेशनल काउंसिल - जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) सहित कई प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने सरकार से लगभग 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश की है. बढ़ती महंगाई और आर्थिक बदलावों का हवाला देते हुए विभिन्न कर्मचारी यूनियनों की मांग 3.0 से 3.83 के बीच है. हालांकि, बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि सरकार इसे 2 से 2.57 के बीच रख सकती है. अंतिम फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण पूरी तरह से केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा.
संभावित पे मैट्रिक्स और अनुमानित वेतन
कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार यदि अधिकतम फिटमेंट फैक्टर को आधार माना जाए, तो विभिन्न स्तरों (Pay Matrix Levels) पर अनुमानित वेतनमान इस प्रकार हो सकता है:
कब तक आएंगी सिफारिशें और कब से लागू होगा नया नियम?
8वें वेतन आयोग ने विभिन्न पक्षों से सुझाव और ज्ञापन सौंपने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की है, जबकि इसकी आधिकारिक शुरुआत 5 मार्च 2026 को हुई थी. 3 नवंबर 2025 को गठित हुए इस आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए करीब 18 महीने का समय मिलने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि इसकी सिफारिशें फरवरी 2027 तक आ सकती हैं. पुराने ट्रेंड को देखें तो सिफारिशें आने के बाद इसे पूरी तरह जमीन पर लागू होने में दो से तीन साल का समय लग सकता है, यानी 2027 में घोषित होने वाली वेतन वृद्धि 2029 या 2030 तक पूरी तरह प्रभावी हो पाएगी.
इस उच्च स्तरीय आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. इसके अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन इसके सदस्य-सचिव हैं और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष आयोग में बतौर सदस्य शामिल हैं.